सीतामढ़ी़, { देवेंद्र प्रसाद सिंह/अमरनाथ महतो} l  अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर मंगलवार रात हुए सड़क हादसे में रुन्नीसैदपुर से पांच, सोनबरसा के कन्हौली से चार व बेलसंड की भंडारी पंचायत से एक यानी कुल 10 व्यक्तियों की मौत हो गई। बेलसंड के रहने वाले एक शख्स के शव की शिनाख्त होने के बाद मृतकों की संख्या 10 हो गई है। सभी मृतकों के शव गुरुवार सुबह सीतामढ़ी लाए गए। इसके साथ ही तीनों इलाकों में मातम पसर गया। यात्रियों से भरी एक डबल डेकर वाल्वो बस में पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में पंजाब व हरियाणा से मजदूरी करके बिहार घर लौट रहे 18 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हुए जिनमें सीतामढ़ी जिले के 10 मृतक शामिल हैं और दर्जनभर लोग जख्मी भी हुए हैं। गांवों में मातम का माहौल है।

हर आंख रो रही है, हर तरफ सिसकी और चित्कार की आवाजें सुनाई दे रही है। किसी का बेटा, किसी का पिता तो किसी ने अपना पति इस हादसे में खो दिया है। सुबह जैसे ही मृतकों के शरीर को गांव लाया गया, हर ओर परिजनों के बिलखने की आवाज सुनाई दी। कहीं बेसुध महिलाओं को उनके स्वजन संभाल रहे तो कहीं बिलख रहे बच्चों को समझा रहे थे। हादसा इतना वीभत्स था कि उनके शवों को ठीक से पहचानना भी मुश्किल था। लिहाजा, तुरंत श्मशान घाट ले गए और वहीं रस्में कर अंतिम क्रिया की गई। चहुंओर रूदन व सिसकियां से माहौल गमगीन हो गया। रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने स्वजनों को ढांढस बंधाते हुए शांत कराया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे के बाद ही मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपए देने का एलान किया। लेकिन, मृतकों के स्वजनों का कहना था कि मुआवजे की रकम को बढ़ाया जाए।

खोंपा के कोठिया टोला में शव लाए जाने पर सिसियों से फटा जा रहा था कलेजा

रुन्नीसैदपुर, संस: मजदूरों के शव गुरुवार सुबह खोंपा के कोठिया टोला लाए जाते ही स्वजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। मां-बेटी व पत्नियों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके क्रंदन से हर किसी की आंखें नम हो रही थीं। स्वजनों को विलखते देख अबोध बच्चे भी फफक-फफककर रो रहे थे। आस-पास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। हर कोई पीड़ित परिवारों को ढ़ाढ़स दे रहा था। सभी उन्हें हिम्मत और धैर्य से काम लेने की सलाह दे रहे थे। गमगीन माहौल में गांव के ही एक ऊंचे स्थान पर शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

रुन्नीसैदपुर से हादसे के मृतकों व घायलों के नाम व पता

रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के खोंपा गांव के कोठियां टोला निवासी स्व. बद्री महतो के पुत्र इंदल महतो (30), रूदल सहनी के पुत्र मोनू सहनी (32), लक्ष्मी सहनी के पुत्र जगदीश सहनी (45), सीताराम सहनी के पुत्र नरेश सहनी (32 वर्ष) तथा महिसार पंचायत के गुलरिया टोला निवासी खखन सहनी के पुत्र जयबहादुर सहनी की मौत हो गई। इनके अलावा करीब आधा दर्जन घायल भी हुए हैं। जिनमें खोंपा गांव के कोठियां टोला निवासी जहुरन सहनी के पुत्र भोला सहनी का एक पैर कट गया है। अन्य रूदल सहनी के पुत्र फगुनी सहनी (40), जगदीश सहनी के पुत्र संतोष कुमार (22), महेंद्र सहनी के दो पुत्र वीरेंद्र सहनी (35) व शंभू सहनी (30) तथा लक्ष्मी सहनी के पुत्र मुंदर सहनी शामिल हैं।

दो-दो लाख फिलहाल, और सहायता राशि मिलने का आश्वासन

मृतकों के शव को लेकर एंबुलेंस गुरुवार को कोठियां व गुलरिया टोला पहुंची थी। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में इन शवों के दाह-संस्कार कराए गए। मौके पर सीओ संतोष कुमार सिंह, बीडीओ धनंजय कुमार, लेवर इंस्पेक्टर मंदीप कुमार व थानाध्यक्ष विजय कुमार यादव समेत राजद व्यवसायिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ छोटू, पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि भिखारी पासवान, पंसस प्रतिनिधि संजीव मिश्रा, सत्येंद्र चंद्रवंशी, राम नरेश सहनी, विक्रम कुमार व हरिशंकर पासवान मौजूद थे। राजद नेता संजीत कुमार उर्फ छोटू ने पीड़ित स्वजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार से पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजा तथा सरकारी नौकरी देने की मांग की। सीओ संतोष कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा कोष के प्रावधान के अनुसार देय राशि का भुगतान शीघ्र ही होगा।