Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन को लेकर प्रशासन सख्त, अधिकारियों में हड़कंप; 15 अप्रैल है लास्ट डेट
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में दाखिल खारिज के 10 से अधिक मामलों के लंबित पाए जाने पर राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें निलंबित किया जाएगा। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने संबंधितों को 15 अप्रैल तक की डेडलाइन दी है। अभियान बसेरा की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक अंचलाधिकारी को 20 की संख्या में भूमि आवंटित करने का टास्क दिया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। अंचलों में दाखिल खारिज (Bihar Land Mutation) के दस से अधिक मामले लंबित पाए गए तो राजस्व अधिकारी और कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने के साथ निलंबित कर दिया जाएगा। उक्त बातें डीएम सुब्रत कुमार सेन ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने संबंधितों को चेतावनी देते हुए 15 अप्रैल तक की डेडलाइन निर्धारित की है। अभियान बसेरा की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक अंचलाधिकारी को 20 की संख्या में भूमि आवंटित करने का टास्क दिया, ताकि जिला की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाया जा सके।
जिलाधिकारी ने कैंप मोड में भू-लगान करने तथा 31 मार्च तक 90 प्रतिशत निष्पादन करने का निर्देश दिया।
प्रखंडों में दाखिल खारिज के लंबित मामले
प्रखंड | लंबित मामले |
मुशहरी | 1648 |
बोचहां | 1428 |
कांटी | 842 |
मीनापुर | 909 |
औराई | 673 |
कुढ़नी | 480 |
गायघाट | 390 |
मोतीपुर | 306 |
सरैया | 624 |
बंदरा | 84 |
मुरौल | 61 |
सकरा | 35 |
सीओ और राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण:
जमाबंदी में खराब प्रदर्शन करने पर कांटी, मुशहरी, बोचहां, औराई के अंचलाधिकारी एवं राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया। इसके अतिरिक्त आधार सीडिंग भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र निर्गत करने तथा परिमार्जन प्लस के मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर टाइम फ्रेम में निष्पादन करने को कहा।
नए नगर पंचायत के कार्यालय को होगा निर्माण:
- जिला अंतर्गत नई नगर पंचायत के कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
- जिलाधिकारी ने भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यपालक पदाधिकारी को अंचलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्य को पूरा करने को कहा, ताकि इसका प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा जा सके।
- बैठक में बरूराज के कार्यपालक पदाधिकारी अनुपस्थित पाए गए उनसे स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में नगर आयुक्त विक्रम वीरकर, उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता राजस्व संजीव कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी फिरोज अख्तर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
नीलामवाद का प्राथमिकता के आधार पर करें निष्पादन: डीएम
दूसरी ओर, डीएम ने यह भी कहा कि नीलामवाद के लंबित मामले का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। राज्य स्तर से इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यह बातें डीएम सुब्रत कुमार सेन ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की समीक्षा बैठक के दौरान शुक्रवार को कही।
उन्होंने कहा कि अब नीलामपत्र पदाधिकारियों की संख्या जिले में 90 हो गई है। लंबित वादों का तेजी से निष्पादन करने को लेकर प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारियों को नामित किया गया है। इन नव नामित पदाधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए बिपार्ड भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने गंभीरतापूर्वक मामले का निष्पादन करने को कहा। अन्यथा कारवाई करने की चेतावनी दी है।
भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण:
डीएम ने मीनापुर-टेंगराहा पथ की समीक्षा में पाया गया कि इस योजना के अंतर्गत 14 मौजा है। इसमें से चार मौजा का पंचाट घोषित नहीं किया गया है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द पंचाट घोषित कर भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ करें।
अखाड़ाघाट पुल के समानांतर नए पुल के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। पाया गया कि पुल के एप्रोच पथ के दर निर्धारण की प्रक्रिया चल रहा है। उन्होंने शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर पंचाट घोषित करते हुए भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ करने को कहा।
25 को शिविर लगाकर किया जाएगा भुगतान:
मुजफ्फरपुर- सुगौली दोहरीकरण रेललाइन में अर्जित भूमि के लिए मोतीपुर के महवल में 25 मार्च को कैंप लगाया जाएगा। रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जाएगा। डीएम ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए भुगतान करने को कहा।
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