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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोतिहारी-अमलेखगंज पाइप लाइन शुरू होने के बाद रक्सौल को मिलेगी डर से मुक्ति East champaran News

By Ajit KumarEdited By:
Published: Tue, 10 Sep 2019 09:31 AM (IST)

रक्सौल स्थित डिपो को यहां से स्थानांतरित किए जाने के बाद एक अनचाहा डर जो लोगों के मन में है वह दूर हो जाएगा।

मोतिहारी-अमलेखगंज पाइप लाइन शुरू होने के बाद रक्सौल को मिलेगी डर से मुक्ति East champaran News
मोतिहारी-अमलेखगंज पाइप लाइन शुरू होने के बाद रक्सौल को मिलेगी डर से मुक्ति East champaran News

पूर्वी चंपारण, जेएनएन। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी और नेपाल के बारा जिला अंतर्गत अमलेखगंज में निर्मित पेट्रोलियम पाइपलाइन का उद्घाटन आज समारोह के बीच किया जाएगा। दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस बॉर्डर पाइपलाइन के शुभारंभ होने से भारत के सीमावर्ती शहर के आसपास के लोग सुरक्षित होंगे। खासकर रक्सौल स्थित डिपो को यहां से स्थानांतरित किए जाने के बाद एक अनचाहा डर जो लोगों के मन में है वह दूर हो जाएगा। हालांकि इस बात की आशंका भी है कि इससे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे।

     भारत-नेपाल पेट्रोलियम प्रोडक्ट पाइपलाइन प्रोजेक्ट मंगलवार को भारत और नेपाल की जनता को समर्पित की जाएगी। भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल में वहां के प्रधानमंत्री ओपी कोहली रिमोट से इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे। पूर्वी चंपारण के सुगौली प्रखंड अंतर्गत छपरा बहास के पास स्थापित पाइपलाइन प्रोजेक्ट से भारत और नेपाल में रहनेवाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही इस इलाके के लोगों आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी। मोतिहारी से नेपाल के अमलेखगंज तक 69 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई गई है 1.3 एमएमटीपीए पेट्रोलियम पदार्थ नेपाल को निर्यात की जाएगी।

  पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ संजय जायसवाल ने बताया कि 2011 में जब जयपुर में पेट्रोल डिपो में भयानक आग लगी थी तब उन्हें भी लग गया था कि रक्सौल से डिपो का स्थानांतरण हो जाए। तब उन्होंने स्टीमेट कमेटी के सदस्य के रूप में जब 2011 में अगली पंचवर्षीय योजना में इस कार्य को शामिल कराया था। इससे बहुत सारे टैंकरों का आवागमन बॉर्डर पर कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले साल इंडियन ऑयल का डिपो छपरा बहास में ट्रांसफर हो जाने से और 24000 सिलेंडर प्रतिदिन की सिलेंडर फैक्ट्री खुल जाने से मोतिहारी, सुगौली, रक्सौल के चारों तरफ का इलाका औद्योगिक क्रांति के रूप में दिखेगा। उन्होंने बताया कि रक्सौल शहर जो हमेशा एक डर के मुहाने पर रहता है कि डिपो में आग लग जाने से पूरा शहर नष्ट हो सकता है उससे मुक्ति मिल जाएगी।