सीतामढ़ी की रविता को राज्यस्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता में मिला सिल्वर मेडल
Bihar News सोनबरसा प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली रविता ने किया जिलेे का नाम रौशन। मजदूरी कर अपना परिवार का पोषण कर रहे हैं। 2 से 4 सितंबर तक छपरा में आयोजित हुई थी प्रतियोगिता। यूथ व जूनियर दोनों में मेडल जीत हासिल की।

सीतामढ़ी, जासं। छपरा जिला भारोत्तोलन संघ के तत्वावधान में राज्यस्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता 2 से 4 सितंबर तक छपरा में आयोजित की गई। इसमें सीतामढ़ी के खिलाड़ियों ने भी भाग लिया था। जिसमें सीतामढ़ी की टीम में शामिल सोनबरसा प्रखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली रविता कुमारी ने 55 किलो भार वर्ग में यूथ एवं जूनियर दोनों में सिल्वर मेडल जीत कर जिला को गौरवान्वित किया है।
पिता मजदूरी कर करते भरण पोषण
रविता इससे पहले पटना में आयोजित राज्यस्तरीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में भी भारत्तोलन में गोल्ड मेडल जीत चुकी है। रविता सोनबरसा के इंदरवा गांव की है। वह इंदरवा उच्च विद्यालय की छात्रा है। उसके पिता बुधु ठाकुर मजदूरी कर अपना परिवार का पोषण कर रहे हैं। रविता की इस शानदार उपलब्धि पर सीतामढ़ी जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक लोक अभियोजक अरुण कुमार सिंह, अध्यक्ष अतुल कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ राजेश कुमार सुमन, उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार, हरिशंकर प्रसाद नवीन कुमार, सचिव सतीश कुमार, संयुक्त सचिव अरविन्द कुमार, संजय कुमार, दीपक कुमार, सदस्य राजीव कुमार काजू, रितेश रमण सिंह सरिता कुमारी समेत अन्य लोगों ने भी इस जीत पर रविता को बधाई दी है।
विद्यालयों में खेल के माध्यम से पढ़ेंगे वर्ग एक के बच्चे
सोनबरसा। खेल-खेल में वर्ग एक के बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय मड़पा कचोर में चहक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेंटर मोहिबुल्लाह खान ने बताया कि न्यू एडुकेशन पालिसी 2020 के अंतर्गत निपुण भारत अभियान की कड़ी में स्कूल रेडीएन्से के तहत चहक के मॉड्यूल के तहत बच्चों को पढ़ाना है। इसमे वर्ग एक के बच्चों को 3 महीने में खेल खेल के माध्यम से नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा देनी है। जिससे बच्चों के अंदर भाषा विकास, शारीरिक विकास, भावनात्मक ओर गणितीय संक्रिया का विकास हो सके। सभी स्कूल में चहक की किताब जा रही है जिसमें दिए गए गतिविधि द्वारा बच्चों को पढ़ाना है। यह सरकार की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है। इससे बच्चों का स्कूल मे ठहराव होगा। यह शिक्षा विभाग के लिए गेम चेंजर योजना है। इससे बच्चों को छिजित होने की संभावना नगण्य हो जाएगी। गैर आवासीय प्रशिक्षण में प्रशिक्षक जगदीश नायक एवं सुजाता कुमारी सहित संबधित सीआरसी के सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय की सहायक शिक्षक एवं शिक्षिका मौजूद थीं।
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