Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पुण्यतिथि पर याद किए गए रामदयालु सिंह, सच्ची मित्रता व त्याग की दी गई मिसाल

    By Ajit KumarEdited By:
    Updated: Wed, 28 Nov 2018 11:49 PM (IST)

    आरडीएस कॉलेज के संस्थापक रामदयालु बाबू की ईमानदारी, सच्ची मित्रता व त्याग की दी गई मिसाल।

    पुण्यतिथि पर याद किए गए रामदयालु सिंह, सच्ची मित्रता व त्याग की दी गई मिसाल

    मुजफ्फरपुर, जेएनएन। रामदयालु बाबू त्याग, ईमानदारी व सच्ची मित्रता के आदर्श मिसाल थे। स्वातंत्र्य-पूर्व बिहार में बननेवाली सरकार में अपनी जगह अपने साथी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के नाम को प्रधानमंत्री (मुख्यमंत्री) पद के लिए पहल व प्रस्तावित कर सच्ची मित्रता व त्याग का अनुकरणीय उदाहरण उन्होंने प्रस्तुत किया। यही नहीं अपने मित्र महंत दर्शन दास को स्त्रियों के सशक्तीकरण के लिए उच्च शिक्षा निमित्त शिक्षण-संस्थान खोलने को उत्प्रेरित भी किया। चंपारण-सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने वकालत का प्रतिष्ठित पेशा भी छोड़ दिया। निस्संदेह रामदयालु बाबू का उदात्त व्यक्तित्व नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

     रामदयालु सिंह महाविद्यालय में उनकी पुण्यतिथि को स्मृति दिवस के रूप में मनाकर याद किया गया। वे बिहार विधानसभा के प्रथम सभापति व स्वतंत्रता सेनानी भी रहे हैं। प्राचार्य डॉ. संजय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर पूर्व कुलपति प्रो. प्रसून कुमार राय ने अपने भावपूर्ण उद्गार व यादों को व्यक्त किया। राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार सिंह, हिंदी के अवकाशप्राप्त शिक्षक प्रो. राजनारायण राय, डॉ. नीरजा अस्थाना, विवि अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) एसके पॉल ने भी अपने विचार रखे। समारोह का संचालन ङ्क्षहदी विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश प्रसाद गुप्ता व धन्यवाद-ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग की प्रो. नीलम कुमारी ने किया।