Updated: Sat, 30 Aug 2025 11:45 AM (IST)
मुजफ्फरपुर स्टेशन के बाद सोनपुर रेल मंडल रामदयालु स्टेशन को विकसित करेगा। 28 करोड़ की लागत से यह स्टेशन अमृत भारत योजना में मॉडल बनेगा जिससे उत्तर बिहार को फायदा होगा और मुजफ्फरपुर स्टेशन पर दबाव कम होगा। दिल्ली-मुंबई की ट्रेनें यहां रुकेंगी जिससे रामदयालु क्षेत्र का विकास होगा। राजधानी जैसी ट्रेनें भी यहां से शुरू हो सकती हैं।
गोपाल तिवारी, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर स्टेशन के हाथ से निकल जाने के बाद सोनपुर रेल मंडल ने रामदयालु रेलवे स्टेशन को मुजफ्फरपुर की तर्ज पर कोचिंग स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इससे एक बड़े स्टेशन के समस्तीपुर रेलमंडल में चले जाने की भरपाई की जा सके।
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यह स्टेशन अमृत भारत योजना के तहत 28 करोड़ की लागत से मॉडल बन रहा है। इसको और विकसित किया जाएगा। इससे इसका फायदा उत्तर बिहार के लाखों लोगों को होगा। रामदयालु जब कोचिंग स्टेशन के रूप में विकसित होगा तो मुजफ्फरपुर स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा।
दूसरा बड़ा फायदा यह होगा कि दिल्ली, मुंबई की ओर जाने वाली अधिकतर महत्वपूर्ण ट्रेनें जो रामदयालु स्टेशन से थ्रू गुजरती हैं, वहां रुकने लगेंगी। यह स्टेशन जब विकसित होगा तो सभी गाड़ियों का स्टापेज पटना के राजेन्द्र नगर टर्मिनल की तर्ज पर दिलाया जाएगा। इससे रामदयालु एरिया का काफी विकास होगा।
बहुत सारे रेलवे क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, कोचिंग स्टेशन के रूप में रामदयालु जब बनेगा तो यहां से राजधानी या विभिन्न महत्वपूर्ण ट्रेनें भी खुलेंगी। जैसे राजेन्द्र नगर से राजधानी सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें खुलती हैं। इसको लेकर अधिकारी मंथन में जुटे हुए हैं।
सर्वे के लिए बनाई गई है टीम
रामदयालु स्टेशन के सर्वे के लिए त्रिस्तरीय टीम बनाई गई है। पहला सुपरवाइजर स्तर, दूसरा टीआइ, विद्युत, परिचालन, कामर्शियल, सिग्नल की टीम तथा फाइन मंडल स्तरीय टीम करेगी। सभी की रिपोर्ट आने के बाद अप्रूवल के लिए महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक को भेजा जाएगा। उसके बाद रेलवे बोर्ड जाएगी। इसकी तैयारी जोरशोर से चल रही है।
सुपरवाइजर स्तर का सर्वे शुरू हो गया है। इस दौरान पता चला है कि रामदयालु स्टेशन के आसपास रेलवे की काफी जमीन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। उसे मुक्त कराने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया गया है।
जरूरत पड़ेगी तो जमीन अधिग्रहण भी कर लिया जाएगा। इसको विकसित करने में करोड़ों की लागत आएगी। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा। उसके बाद लागत दी जाएगी।
स्काइवाक ब्रिज का पहले से पहले से प्रस्ताव रामदयालु स्टेशन से सीधा एनएच को जोड़ने के लिए तीन फीट का स्काइवाक ब्रिज बनाने का प्रस्ताव पहले से है। उसकी मंजूरी भी मिल चुकी है।
सर्वे भी पूरी कर लिया गया है। इसके बनने से लोग बाइक से रामदयालु से सीधे पटना, बैरिया और भिखनपुर गांव की तरफ चले जाएंगे। इस पर केवल बाइक और पैदल चलने वाले लोग ही चलेंगे।
इसके साथ प्लेटफार्म का भी विस्तार होगा, ताकि रामदयालु से ट्रेनों के परिचालन होने पर स्टेशन की कमी न रह सके।
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