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    Navratri 2021:शारदीय नवरात्र आज से, तैयारियां पूरी

    Navratri 2021 पंडित पंकज झा ने बताया कि शारदीय नवरात्र में इस बार डोली पर माता का आगमन होगा और हाथी पर गमन करेंगे। गुरुवार को सुबह से 10 बजे तक और दोपहर 1.30 से 2.57 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है।

    By Ajit KumarEdited By: Updated: Thu, 07 Oct 2021 08:52 AM (IST)
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    घरों में नौ दिन दिन तक पूजन की तैयारी में महिलाएं भी जुट गई हैं। फाइल फोटो

    समस्तीपुर, जासं। शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां दुर्गा की पूजा की तैयारी जिले में पूरी हो गई है। कलश स्थापना के साथ आज से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होगा। पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर दुकानों में भीड़ लगने लगी बुधवार की देर रात तक बाजार में चहल पहल देखी गई। कोरोना काल के बाद पहली बार बाजार में रौनक दिख रही है। लोगों ने पूजन सामग्री, नारियल, चुनरी, फल आदि की खरीदारी की। नवरात्र के निमित्त देवी मंदिर भी सजधज कर तैयार हैं। वहीं दुर्गा की प्रतिमा स्थापना के लिए पंडाल सज-धज कर तैयार हैं। मंदिरों को फूल मालाओं व रंग बिरंगी लाइटों से सजा दिया गया है। मंदिर परिसर में फूल व पूजन सामग्री की दुकानें सज गई है। घरों में नौ दिन दिन तक पूजन की तैयारी में महिलाएं भी जुट गई हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस नवरात्र में कोई फलहार, तो कोई निराहार रहकर दुर्गा की आराधना करते हैं।

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    पंडालों को दिया जा रहा भव्य रूप

    शहर के विभिन्न स्थानों पर पंडाल लगाकर माता की प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडालों को भव्य रूप देने में कलाकार दिन रात लगे हुए हैं। पंडलों को सुंदर व आकर्षक बनाने की तैयारी में जुटे हैं। शहर के बारहपत्थर स्थित शिवकाली दुर्गा मंदिर में पंडाल को कलकत्ता के कालीघाट का स्वरूप दिया जा रहा है। बंगाली माॅडल में माता की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके अलावे कर्पूरी बस पड़ाव स्थित दुर्गा मंदिर, बहादुरपुर स्थित पुरानी दुर्गा स्थान, स्टेडियम मार्केट, मथुरापुर घाट, बीएचटीसी हॉल समेत एक दर्जन से अधिक स्थानों पर माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की जाएगी।

    आज होगी कलश स्थापना

    पंडित पंकज झा ने बताया कि शारदीय नवरात्र में इस बार डोली पर माता का आगमन होगा और हाथी पर गमन करेंगे। गुरुवार को सुबह से 10 बजे तक और दोपहर 1.30 से 2.57 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। आगामी 11 अक्टूबर को विल्भामित्रंण, 12 को पत्रिका प्रवेश, 13 को महाष्टमी व्रत, निशापूजा, 14 को नवमी व्रत और 15 को विजयादशमी है।