मुजफ्फरपुर, जासं। आरडीएस कालेज में बुधवार को सावन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं के बीच मिस सावन प्रतियोगिता आयोजित हुई। हरे रंग के ड्रेस, हरी चूड़ी, हरी बिंदी लगाए छात्राएं सावन में अपनी संस्कृति की मिसाल पेश कर रही थीं। शिल्पी, वर्षा, अमीषा, मौसम एवं पूजा ने महिला प्राध्यापकों को हाथ में मेहंदी लगाई। आया सावन झूम के गीत पर रत्ना, अंजलि, मौसम, अमीषा, आयशा खातून, पंकज, पुतुल व पूजा ने मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति की। मिस सावन चुने जाने वाली छात्राओं में मनोविज्ञान विभाग की शिल्पी, कामर्स प्रथम वर्ष की छात्रा वर्षा, अनीशा, अंजलि, मौसम, अमीषा व पूजा कुमारी को प्राचार्य डा. अमिता शर्मा ने मिस सावन का क्राउन पहनाकर सम्मानित किया। सभी विभागों की महिला शिक्षकों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम में भूमिका निभाई। कार्यक्रम की शिल्पकार डा.पयोली ने ÓÓमोरनी बागा में बोले आधी रात कोÓÓ गीत पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति कर सबो का मन मोह लिया। वहीं मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा.रजनीश कुमार गुप्ता ने ÓÓकान्हा ने राधा से पूछा तुम मुझको सच सच बतलाना, भीगे हम भी भीगे तुम भी शायद था सौभाग्य हमाराÓÓ गाना गाकर माहौल को सावनमय बना दिया। मीनू नारायण ने लोक गीत प्रस्तुत किया ÓÓसावन में फर गइले निबुआÓÓ की प्रस्तुति से समां बांधा।

प्राचार्य डा.अमिता शर्मा ने कहा कि सावन का महीना सर्वोत्तम महीना माना जाता है। इस माह का प्रकृति से गहरा संबंध है। इस माह में वर्षा ऋतु होने से संपूर्ण धरती बारिश से हरी भरी हो जाती है। भगवान शिव को सावन का महीना प्रिय है। इसी महीने शिव पृथ्वी पर अवतरित होकर ससुराल गए थे और उनका स्वागत अध्र्य और जलाभिषेक से किया गया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी महीने समुद्र मंथन भी किया गया था। इस महीने में शिव को जल चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

कार्यक्रम कि आयोजक डा. इंदिरा कुमारी ने सभी महिला शिक्षकों को हरी हरी चूडिय़ां पहनाई। निधि ने सभी के माथे पर हरी-हरी ङ्क्षबदी लगाई। स्वागत भाषण डा. इंदिरा कुमारी व धन्यवाद ज्ञापन डा.अनीता ङ्क्षसह ने किया। मौके पर डा.नीलम कुमारी, डा.अंजना कुमारी, डा.अनीता घोष, डा.अनीता ङ्क्षसह, डा.नीलिमा झा, डा.इंदिरा कुमारी, डा.एल के साह, डा.रजनीश कुमार गुप्ता, डा.राजीव कुमार, डा.रमेश प्रसाद गुप्ता, डा.पयोली, कुमारी निधि, डा. सुमन लता, डेजी, डा.मीनू नारायण, डा.गायत्री, डा.जागृति, डा. अनुपम, डा. ललित किशोर मौजूद रहे।  

Edited By: Ajit Kumar