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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vaishali Express: आईएसओ के बाद वैशाली एक्सप्रेस से अब सुपरफास्ट का भी हटेगा दर्जा, यात्रियों को फायदा

Published: Tue, 07 Oct 2025 04:26 PM (IST)

वैशाली एक्सप्रेस जो पहले मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक चलती थी अब ललितग्राम तक विस्तारित हो गई है। विस्तार के कारण ...और पढ़ें

आईएसओ के बाद वैशाली एक्सप्रेस से अब सुपरफास्ट का भी हटेगा दर्जा, यात्रियों को फायदा
आईएसओ के बाद वैशाली एक्सप्रेस से अब सुपरफास्ट का भी हटेगा दर्जा, यात्रियों को फायदा

HighLights

  1. वैशाली एक्सप्रेस का सुपरफास्ट दर्जा समाप्त
  2. विस्तार के कारण गति में आई कमी
  3. यात्रियों को एक्सप्रेस किराये का लाभ

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। वैशाली एक्सप्रेस का विस्तार जैसे-जैसे हो रहा, वैसे-वैसे उसके कार्यशैली में बदलाव आता चला गया। यह ट्रेन पहले मुजफ्फरपुर से नई दिल्ली के लिए चलती थी। बाद बरौनी तक विस्तार किया। फिर सहरसा तक कर दिया। अब वहां से भी इसका विस्तार कर ललितग्राम कर दिया गया है।

अब वहां से यह ट्रेन नई दिल्ली के लिए चल रही। विस्तार होने के चक्कर में इसका इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर स्टैंडडराइजेशन (आईएसओ) मानक भी चली गई। अब सुपरफास्ट का दर्जा भी समाप्त हो गया।

एक रेल अधिकारी ने बताया कि 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से अधिक चलने वाली ट्रेन को ही सुपरफास्ट का दर्जा मिलता है। यह ट्रेन अन्य ट्रेनों से अधिक स्पीड चलने के कारण मेल, एक्सप्रेस से इसका किराया अधिक होता है, लेकिन मुजफ्फरपुर, बरौनी और सहरसा से जब तक चली तब तक इसका स्पीड 50 किलोमीटर से अधिक रफ्तार रहा।

वहीं, इसके ललीतग्राम हॉल्ट से चलने के कारण इसका स्पीड 50 किलोमीटर प्रतिघंटे से कम हो गया, इसलिए इसका सुपरफास्ट का दर्जा चला गया। हालांकि, सुपरफास्ट का दर्जा चले जाने से इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा। यह ट्रेन जिस समय पर चल रही थी, उसी समय पर चलेगी।

दिल्ली पहुंचने में समय भी उतना ही लगेगा, जितना पहले लगता था, लेकिन किराया सुपरफास्ट के बदले एक्सप्रेस का लगने से यात्रियों को फायदा होगा।

डीआरएम समस्तीपुर ज्योति प्रकाश मिश्रा ने इसकी पुष्टी की है। बता दें कि वैशाली एक्सप्रेस के बारे में कहा जाता था कि यह ट्रेन रेलवे बोर्ड की गाड़ी हुआ करती थी, इसके परिचालन की मॉनिटरिंग रेलवे बोर्ड से हाेती थी, लेकिन इस ट्रेन के लगातार विस्तार के कारण इस पर रेल अधिकारियों ने ध्यान देना छोड़ दिया, लेकिन समस्तीपुर के नये डीआरएम द्वारा वैशाली सहित सभी ट्रेनों के समय पर परिचालन को लेकर सख्त हिदायत दी है।