विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Land Mutation: जमीन दाखिल खारिज को लेकर विभाग ने जारी किया नया आदेश, CO साहब की बढ़ गई ड्यूटी

Published: Thu, 21 Aug 2025 08:54 PM (IST)

दाखिल खारिज आवेदनों को बिना कारण बताए अस्वीकृत करने की शिकायतों पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्ती दिखाई ...और पढ़ें

दाखिल खारिज के आवेदन अस्वीकृत करने के बाद रैयत को सूचना भेजेंगे सीओ
दाखिल खारिज के आवेदन अस्वीकृत करने के बाद रैयत को सूचना भेजेंगे सीओ

HighLights

  1. दाखिल खारिज अस्वीकृति पर पारदर्शिता की पहल
  2. सीओ को बताना होगा अस्वीकृति का कारण
  3. 50 हजार से अधिक आवेदन लंबित

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। दाखिल खारिज के आवेदनों (Land Mutation Bihar) को अभी बिना कारण बताए बड़े पैमाने पर अस्वीकृत कर दिया जा रहा है। राज्य के सभी अंचलों से इसकी शिकायत विभाग तक पहुंची है। इस पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव ने इसमें पारदर्शिता लाने की पहल की है।

उन्होंने सभी समाहर्ताओं को पत्र भेजकर बताया कि अब किसी भी दाखिल खारिज को अस्वीकृत करने के बाद संबंधित सीओ को प्रपत्र में कारण का पूरा सार लिखकर इसकी सूचना रैयत को देंगे अथवा उन्हें निबंधित डाक या संदेशवाहक को भेजकर इसकी कॉपी उपलब्ध कराएंगे। इससे रैयत को पता लग सके किस कारण उनका आवेदन अस्वीकृत किया गया है।

संयुक्त सचिव ने सभी समाहर्ताओं से इसका शत-प्रतिशत अनुपालन कराने को कहा है। विदित हो कि पूर्व में भी विभाग की ओर से यह निर्देश जारी किया गया था कि बिना कारण बताए सीओ दाखिल खारिज के आवेदनों को अस्वीकृत नहीं करेंगे, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो पाया। अब पूरा ब्योरा लिखकर देने को कहा गया है।

संयुक्त सचिव ने पूर्व के आदेशों का भी जिक्र किया है और कहा है कि इसका हर हाल में सभी सीओ अनुपालन करेंगे। अगर इसकी शिकायत विभाग के पास पहुंची तो कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी अंचलों में करीब 50 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। इसमें 75 दिनों से अधिक बीतने के बाद भी काफी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं।

ठोस कारण बताना भी है अनिवार्य:

वाद को अस्वीकृत करने के लिए सीओ को ठोस कारण बताना है। कई बार देखा जाता है कि छोटे-छोटे कारण से लगातार वादों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। इसलिए बिना ठोस कारण के अस्वीकृत करने पर विभागीय कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।