Updated: Wed, 09 Jul 2025 08:27 PM (IST)
राज्य के सभी जिलों के भू-अर्जन कार्यालयों के कैशबुक और बैंक खातों की जांच होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए आदेश जारी किया है। मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के नौ जिलों में 22 जुलाई को जांच होगी। विभिन्न योजनाओं के लिए प्राप्त राशि के लेखा-जोखा में पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है ताकि वित्तीय अनियमितता न हो।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राज्य के सभी जिलों के भू-अर्जन कार्यालय के कैशबुक और बैंक खातों की जांच होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक, भू-अर्जन ने सभी जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों को इस आशय से संबंधित आदेश जारी किया है। इसके लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित कर दी गई है।
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16 से यह कार्य शुरू होगा और अंतिम दिन यानी 22 जुलाई को मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के नौ जिलों मधुबनी, दरभंगा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी और समस्तीपुर के भू-अर्जन कार्यालयों की जांच की जाएगी।
सभी पदाधिकारियों को इससे अवगत कराते हुए अपडेट कैशबुक समेत अन्य आवश्यक कागजात और अभिलेख के साथ कर्मी को निदेशालय भेजने का निर्देश दिया है, ताकि इसकी जांच कराई जा सके। इसे प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए सभी जिलों की उपस्थिति को अनिवार्य बताया है।
बताया गया कि विभिन्न योजनाओं के लिए अधियाची विभागों से प्राप्त होने वाली राशि के लेखाजोखा में पारदर्शिता को लेकर इसकी जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
दरअसल, भू-अर्जन विभाग विभिन्न सरकारी परियोजनाओं जैसे सड़क निर्माण, नहर विस्तार, रेलवे लाइन और अन्य विकासात्मक कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य करता है। इन कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि संबंधित अधियाची विभागों की ओर से भू-अर्जन विभाग को उपलब्ध कराई जाती है।
निदेशालय की ओर से समय-समय पर इन निधियों के उपयोग और शेष राशि का विवरण मांगा जाता है। जारी निर्देश इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्राप्त राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही हो रहा है और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं हो।
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