विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएफआइ की देश विरोधी गतिविधियों का मुजफ्फरपुर व दरभंगा से भी जुड़ा तार

By Dharmendra Kumar SinghEdited By:
Published: Fri, 15 Jul 2022 01:02 PM (IST)Updated: Fri, 15 Jul 2022 01:42 PM (IST)

Bihar Crime मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के एक इमाम का नाम भी प्राथमिकी में पुलिस ने शुरू की तलाश। ...और पढ़ें

प्राथमिकी में नाम आने के बाद पुलिस ने मजहर की खोज शुरू की। प्र‍तीकात्‍मक तस्‍वीर
प्राथमिकी में नाम आने के बाद पुलिस ने मजहर की खोज शुरू की। प्र‍तीकात्‍मक तस्‍वीर

मुजफ्फरपुर, जासं। पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) की देश विरोधी गतिविधियों का तार मुजफ्फरपुर से भी जुड़ गया है। पटना के फुलवारीशरीफ के नयाटोला में चल रही देश विरोधी गतिविधियों में जिले के सकरा थाना क्षेत्र के बरियारपुर ओपी अंतर्गत खालिक नगर गौरिहार पंचायत के मजहर उल इस्लाम उर्फ मजहर इमाम का भी नाम आया है। वह गांव के एक मस्जिद का इमाम है। इस मामले में जिन 26 लोगों का नाम प्राथमिकी में है उसमें मजहर भी शामिल है। उसके पिता का पिछले साल निधन हो चुका है। पत्नी जिले के सरकारी स्कूल में शिक्षक है। प्राथमिकी में नाम आने के बाद पुलिस ने मजहर की खोज शुरू कर दी है। हालांकि उसके बारे में अभी कुछ भी कहने से इन्कार कर रही है।

दरभंगा के तीन लोगों की तलाश तेज

फुलवारीशरीफ में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) व सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया (एसडीपीआइ) की आड़ में हथियार चलाने और उन्माद फैलाने की ट्रेनिंग देने में दरभंगा के तीन लोगों के तार जुड़ने से हड़कंप मच गया है। पटना पुलिस ने तीनों की खोज तेज कर दी है। इसमें पीएफआइ प्रदेश महासचिव व सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र के शंकरपुर निवासी मो. सनाउल्लाह उर्फ आकीब और इसी गांव के मुस्तिकिन सहित लहेरियासराय थानाक्षेत्र के शेर मोहम्मद मोहल्ला निवासी नुरूद्दीन जंगी उर्फ एडवोकेट नुरूदीन शामिल हैं। बताया जाता है कि फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल पीएफआइ और एसडीपीआई के जिन 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है उसमें इन तीनों का नाम है।

सनाउल्लाह के घर पर दिल्ली पुलिस ने 12 मार्च 2020 को छापेमारी की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय पटना के सहायक निदेशक रविभूषण के नेतृत्व में तीन दिसंबर 2020 को छापेमारी की। लेकिन, सनाउल्लाह घर से फरार पाया गया। इस दौरान सनाउल्लाह के स्वजनों से संस्था के फंडिंग के बारे में पूछताछ की गई थी। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद ईडी टीम वापस हो गई। हालांकि, उस दौरान बताया गया था कि पूरे देश में सीएए-एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। इस बीच पूरा मामला शांत पड़ा था। लेकिन, जब खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पटना पुलिस ने 11 जुलाई की रात फुलवारीशरीफ स्थित नया टोला में पीएफआई के कार्यालय में छापेमारी कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया तो एक बार फिर सनाउल्लाह का नाम चर्चा में आ गया।

दूसरा आरोपित मुस्तिकिन शंकरपुर का ही नवासी है। जो सनाउल्लाह का शिष्य है। वह दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है और फिलहाल इन दिनों अपने घर पर है। जबकि, तीसरा नुरूद्धीन जंगी एसडीपीआई का जिलाध्यक्ष है और दरभंगा व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता है। दरभंगा नगर विधानसभा क्षेत्र से इस बार नोटा से उम्मीदवार थे और उन्हें 669 मत प्राप्त हुआ था। । पटना पुलिस की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी इन तीनों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। हालांकि, पुलिस पदाधिकारी कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं। बताया जाता है कि किसी भी वक्त पटना पुलिस और एटीएस की टीम छापेमारी कर सकती है।