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Muzaffarpur Gas Pipeline Blast: नौ बार कॉल के बाद बंद हुई सप्लाई, RCD ने IOCL पर लगाए गंभीर आरोप 

Published: Mon, 02 Nov 2026 11:02 PM (IST)

RCD Bihar: मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में पथ निर्माण विभाग (RCD) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है।

गैस सप्लाई बंद करने में आईओसीएल की टीम ने करीब एक घंटे का लंबा समय लगा दिया।

गैस सप्लाई बंद करने में आईओसीएल की टीम ने करीब एक घंटे का लंबा समय लगा दिया।

HighLights

  1. RCD ने IOCL को 9 बार कॉल कर सूचना दी।

  2. IOCL ने गैस सप्लाई बंद करने में एक घंटा लगाया।

  3. पाइपलाइन मानक से कम गहराई पर बिछी थी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। IOCL Pipeline Depth Standard: गोबरसही-डुमरी रोड में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में अब पथ निर्माण विभाग (RCD) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

आरसीडी के कार्यपालक अभियंता ई. गणेशजी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि घटना के दिन उन्होंने 11 बजकर 49 मिनट पर आईओसीएल के अधिकारी को गैस रिसाव की पहली सूचना दी थी।

इसके बाद 12 बजकर 43 मिनट तक कुल नौ बार कॉल कर बात की गई, लेकिन गैस सप्लाई बंद करने में आईओसीएल की टीम ने करीब एक घंटे का लंबा समय लगा दिया।

जनवरी में ही लिखित दी गई थी सूचना

आरसीडी के कार्यपालक अभियंता ने आईओसीएल के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें बिना सूचना खोदाई की बात कही गई थी।

उन्होंने बताया कि पटना की मेसर्स नरसिंह कंस्ट्रक्शन को 16 करोड़ रुपये की लागत से नाला निर्माण का टेंडर दिया गया है, जिसका कार्य जनवरी से लगातार चल रहा है।

काम शुरू होते ही आरसीडी की ओर से आईओसीएल के मुख्य प्रबंधक को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की लिखित जानकारी दे दी गई थी।

साथ ही बेहतर तालमेल के लिए सहायक अभियंता और कनीय अभियंता के नाम व मोबाइल नंबर भी साझा किए गए थे और खोदाई के दौरान आईओसीएल के इंजीनियरों को मौके पर मौजूद रहने का अनुरोध किया गया था।

कम गहराई में बिछी थी पाइपलाइन

अभियंता ने बताया कि लिखित सूचना के बाद आईओसीएल के प्रतिनिधि समय-समय पर आकर निरीक्षण भी करते थे। चूंकि काम लगातार चल रहा था, इसलिए हर दिन अलग से सूचना देने के बजाय आईओसीएल की यह अपनी जिम्मेदारी थी कि वे अपने तकनीकी कर्मियों को मौके पर तैनात रखते।

उन्होंने आरोप लगाया कि गोबरसही में जहां यह हादसा हुआ, वहां गैस पाइपलाइन की गहराई निर्धारित सरकारी मानक से काफी कम थी। गहराई कम होने के कारण ही जेसीबी चालक को सही अंदाजा नहीं मिल सका और यह हादसा हो गया।

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