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    Muzaffarpur airport update: करीब चार दशक का इंतजार होगा समाप्त, शीघ्र उड़ान की तैयारी

    Updated: Wed, 09 Jul 2025 12:48 PM (IST)

    Muzaffarpur airport update पताही हवाई अड्डे से 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने की तैयारी है। दिल्ली और पटना की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। टीम ने रनवे का निरीक्षण किया और पुराने रेफरेंस प्वाइंट खोजे। भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि वर्तमान भूमि पर्याप्त है। 25 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार होगा।

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    इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर/मड़वन। Muzaffarpur airport update: पताही हवाई अड्डा से विमान सेवा शुरू करने के लिए जिलेवासियों का करीब चार दशक का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। शीघ्र ही यहां से छोटी विमान उड़ानें भरेंगी। अगर इसका बेहतर परिणाम सामने आया तो भविष्य में यहां से बड़ी विमान सेवा भी शुरू की जा सकती है। इसके शुरू होने से न सिर्फ पताही और इसके आसपास के क्षेत्र का विकास होगा बल्कि रोजगार और व्यवसाय के भी अवसर बढ़ेंगे।

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    रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे

    विमान से आवागमन की सुविधा होने से बड़े-बड़े व्यवसायियों का यहां आनाजाना होगा। नई-नई फैक्ट्रियां स्थापित करने की दिशा में व्यवसायी वर्ग निर्णय लेंगे तो स्वयं रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। पताही और इसके आसपास के इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर भी विकसित होगा। इससे रेवा रोड सड़क को भी भविष्य में फोरलेन में तब्दील किया जा सकता है। इससे उक्त इलाकों में जमीन की कीमत में भी तेजी से उछाल आएगी।

    जिले के विकास में मील का पत्थर

    विदित हो कि पताही से विमान सेवा शुरू कराने की दिशा में केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री डा. राजभूषण चौधरी ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने न सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बल्कि केंद्र स्तर तक के नेताओं से मुलाकात कर विमान सेवा शुरू कराने को लेकर पहल की। उन्होंने एमओयू साइन होने और सर्वे शुरू होने पर प्रसन्नता जताई। कहा कि यह किसी सौगात से कम नहीं है। जिले के विकास में यह मील का पत्थर साबित होगा।

    सर्वे का कार्य शुरू हो गया

    बहुप्रतीक्षित पताही हवाई अड्डा से विमान सेवा शुरू होने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। यहां से 19 सीटर विमान उड़ाने की तैयारी की जा रही है। इस क्रम में मंगलवार से सर्वे का कार्य शुरू हो गया। दिल्ली और पटना की तीन सदस्यीय टीम ने पताही हवाई अड्डा पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम में वरिष्ठ जीआइएस विश्लेषक रविंद्र सिंह, जीआइएस विश्लेषक नीरज सिंह और एसोसिएट कंसल्टेंट टीम लीडर आरआर शर्मा शामिल रहे।

    रनवे और मैदान का निरीक्षण

    टीम लीडर के नेतृत्व में पूरे रनवे और मैदान का निरीक्षण किया गया। वहीं पूर्व में लगाए गए एरोड्रम रेफरेंस प्वाइंट की खोजबीन की गई। यह फ्लाइंग जोन को दर्शाता है। वहां पर एक इंडीकेटर लगा था, जो नहीं मिला। इससे हवा की दिशा का पता लगता है। काफी खोजबीन करने के बाद यह इंडीकेटर झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला। इसे निकालकर वहां पर लगाया गया।

    रेफरेंस प्वाइंट के निर्माण का निर्देश

    एरोड्रम रेफरेंस प्वाइंट के कुछ हिस्से जीर्णशीर्ण अवस्था में बिखरे हुए मिले। इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। टीम ने पूरब दिशा की चहारदीवारी से पश्चिम दिशा की ओर 45 मीटर और रनवे के उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर 75 मीटर पर नए सिरे से जगह चिह्नित कर रेफरेंस प्वाइंट के निर्माण का निर्देश सीओ ममता कुमारी को दिया। टीम लीडर ने बताया कि सर्वे का कार्य पांच दिनों तक चलेगा।

    संरचनाओं के निर्माण के लिए प्राक्कलन

    इसके बाद मैप बनाया जाएगा। मैप तैयार होते ही रनवे, भवन, टैक्सी-वे, पार्किंग समेत अन्य संरचनाओं के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार किया जाएगा। सर्वे के बाद इसकी रिपोर्ट भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य व केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।

    नहीं होगी भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता

    डीएम के निर्देश पर अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी प्रेम कुमार भी भूमि से संबंधित कागजात लेकर पहुंचे। टीम ने 1996 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा किए गए सर्वे से इसका मिलान कराया। वर्तमान में 101 एकड़ भूमि पर यह अवस्थित है। छोटी विमान सेवा शुरू करने के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। परिसर का जीर्णाद्धार किया जाएगा।

    चहारदीवारी के लिए 25 करोड़

    चहारदीवारी की मरम्मत की जाएगी। इसके लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डा के आसपास की बिल्डिंग से कितने मीटर की ऊंचाई से उड़ान भरी जाएगी, इसके लिए भी तकनीकी रूप से टीम काम कर रही है।

    शरू होगा मापी और सीमांकन का कार्य

    बताया गया कि मंगलवार को निरीक्षण कर लिया गया है। टीम शहर में आवासन करेगी। बुधवार सुबह से मापी और सीमांकन का कार्य शुरू होगा। इसके बाद 1996 में जो मैप तैयार किया गया था, उसका आकलन करते हुए नया मैप बनाया जाएगा। रनवे की लंबाई वर्तमान में 13 सौ मीटर है। यह छोटे विमान के लिए पर्याप्त है। इसकी मरम्मत कर इसे विमान टेकआफ करने के लायक बनाया जाएगा।