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मंत्री संजय कुमार झा बोले- जल संसाधन विभाग के बजट में मिथिलावासियों का रखा गया ख्याल

जल संसाधन मंत्री ने विधानसभा में प्रस्तुत किया जल संसाधन विभाग का बजट। उन्होंने कहा- मिथिला में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और बाढ़ से राहत के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। बिहार में पहली बार मधुबनी जिले में कमला-बलान तटबंध पर आयरन शीट पाइलिंग का हो रहा इस्तेमाल।

By Murari KumarEdited By: Published: Wed, 03 Mar 2021 01:35 PM (IST)Updated: Wed, 03 Mar 2021 01:35 PM (IST)
संजय झा, जल संसाधन मंत्री, बिहार। (फाइल फोटो)

मधुबनी, जागरण संवाददाता। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग मंत्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभाग का बजट प्रस्तुत किया। बजट में दरभंगा, मधुबनी और सीतामढ़ी जिला सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में बाढ़ और सिंचाई प्रक्षेत्र की कई जनहितकारी योजनाओं को विशेष स्थान मिला है। इससे मिथिलावासियों में खुशी है। मंत्री संजय झा ने कहा कि मिथिला में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और बाढ़ से राहत के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। बिहार में पहली बार बाढ़ से बचाव के लिए आयरन शीट पाइलिंग का इस्तेमाल भी मधुबनी जिले में कमला बलान तटबंध पर किया जा रहा है।

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बाढ़ से बचाव के लिए शुरू की गई कई योजनाएं 

मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं समस्तीपुर जिले को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए 548.13 करोड़ रुपये की लागत राशि से बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-3बी एवं फेज-5ए का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। बाढ़ प्रक्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री संजय झा ने कहा कि बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए विभाग ने कई अभिनव प्रयोग किए हैं। इसी क्रम में पिछले वर्ष तटबंधों का ड्रोन से सर्वे भी कराया गया, जिससे वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सहायता प्राप्त हुई है। पिछले वर्ष पहली कमला बलान के तटबंध में वर्ष 2019 में हुई टूट को पुनर्स्थापित करते हुए घनी आबादी के पास उसे अतिरिक्त मजबूती प्रदान करने के लिए उसमें स्टील शीट पाईलिंग की गई।

116.36 करोड़ रुपये की लागत से पश्चिमी कोसी तटबंध पर हो रहा काम

116.36 करोड़ रुपये की लागत से सुपौल और मधुबनी जिलांतर्गत पश्चिमी कोसी तटबंध के उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण, इस पर बिटुमिनस सड़कों और संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्स्थापन कार्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इसके अलावा 48.43 करोड़ रुपये की लागत से बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत भूतही बलान बायां तटबंध के किमी 25.00 (रामनगर) से किमी 31.61 घोघरडीहा-निर्मली लिंक रोड तक विस्तारीकरण कार्य को कार्यान्वित कराया जा रहा है।

पश्चिमी कोसी नहर परियोजना से जिले में आएगी हरित क्रांति 

पश्चिमी कोसी नहर परियोजना का अवशेष कार्य पूर्ण होने पर मिथिला के बड़े हिस्से में, खासकर मधुबनी और दरभंगा जिले में हरित क्रांति लाएगी। इससे मधुबनी जिले के 18 प्रखंड (लौकही, खुटौना, बाबूबरही, फुलपरास, अंधराठाढ़ी, घोघरडीहा, झंझारपुर, लखनौर, राजनगर, खजौली, पंडौल, बेनीपट्टी, हरलाखी, मधवापुर, कलुआही, रहीका, बासोपट्टी, बिसफी) और दरभंगा जिले के चार प्रखंड (केवटी, मनीगाछी, दरभंगा सदर तथा बेनीपुर) के लाखों किसान लाभान्वित होंगे।

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