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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Muzaffarpur: मोतीपुर चीनी मिल की जमीन की बियाडा के नाम से नहीं हो पा रही जमाबंदी

By Murari KumarEdited By:
Published: Sun, 20 Jun 2021 08:00 AM (IST)

Motipur Sugar Mill of Muzaffarpur सीओ की अक्षमता के बाद बियाडा के चेयरमैन ने डीएम से शीघ्र जमाबंदी का किया ...और पढ़ें

मोतीपुर चीनी मिल की जमीन की बियाडा के नाम से नहीं हो पा रही जमाबंदी।
मोतीपुर चीनी मिल की जमीन की बियाडा के नाम से नहीं हो पा रही जमाबंदी।

मुजफ्फरपुर, जगरण संवाददाता। राज्य में उद्योग-धंधे को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चीनी मिल की जमीन बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (बियाडा) के अधीन करने का आदेश दो वर्ष पहले जारी किया था। इसके बाद भी मोतीपुर चीनी मिल की जमीन की जमाबंदी (म्यूटेशन) बियाडा के नाम से अब तक नहीं हो सकी है। इससे इसको किसी कंपनी या उद्यमी को लीज पर देने में बाधा आ रही है। इसे लेकर बियाडा के चेयरमैन ब्रजेश मल्होत्रा ने डीएम प्रणव कुमार को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि बियाडा की ओर से ट्रेजरी में आवश्यक राशि की रसीद जमा कर दी गई है। साथ ही मोतीपुर के अंचलाधिकारी से जमीन की जमाबंदी करने का आग्रह किया गया था, लेकिन उनकी अक्षमता से यह कार्य नहीं हो सका। उन्होंने डीएम से आग्रह किया है कि चीनी मिल की जमीन की जमाबंदी बियाडा से कर दी जाए।

मालूम हो कि मोतीपुर समेत राज्य की आठ चीनी मिलों की 2442.41 एकड़ जमीन सरकार ने बियाडा की अधीन कर दी थी। मोतीपुर चीनी मिल की 897.40 एकड़ फार्म लैंड बियाडा को दी गई है। इसमें मेगा फूड पार्क के अलावा कई उद्योगों के लिए जमीन लीज पर दी जानी है। परेशानी यह है कि जब तक यह जमीन बियाडा के नाम से जमाबंद नहीं होगी उसकी लीज मुश्किल है। इस मामले में मोतीपुर के सीओ ने कहा कि जमबंदी की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही बियाडा के नाम से जमीन की जमाबंदी हो जाएगी।