पाकिस्तानी महिला भारत आते ही सीधे बिहार के मुजफ्फरपुर ही पहुंच गई...उनका यहां पर क्या काम?
Indo-Pak Relations पाकिस्तान की किसी महिला के बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचने पर सुरक्षा एजेंसी सतर्क। स्थानीय पुलिस ने भी दिखाई तत्परता। यहां पहुंची महिला से उनकी पहुचान तथा स्थानीय पहचान के बारे में जानकारी हासिल की गई।

मुजफ्फरपुर, जासं। जब कभी पाकिस्तान की चर्चा होती है तो हम सभी अतिरिक्त सतर्क हो जाते हैं। हम सभी में तात्पर्य सुरक्षा एजेंसियों से लेकर आम नागरिक तक। अभी सूचना आई कि पाकिस्तान की एक महिला भारत आ रही है। वह भी सीधे बिहार के मुजफ्फरपुर। जाहिर है इस जानकारी के बाद भी हमलोगों की उत्सुकता बढ़ी। एक साथ कई सवाल दिमाग में कौंधने लगे। मसलन, भारत-पाकिस्तान के संबंध की मौजूदा स्थिति के बीच उस महिला को यहां आने की अनुमति कैसे मिल गई? मिल भी गई तो वह बिहार और उसमें भी मुजफ्फरपुर क्या करने आ रही हैं? यहां क्या खास है?
मुजफ्फरपुर शहर में है मायका
दरअसल, वर्तमान में पाकिस्तान की नागरिक नसीम बानो का मुजफ्फरपुर शहर के नगर थाना अंतर्गत दाता कंबल शाह मजार के पास मायका है। वह वर्षों से यहां आने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच हालात सामान्य नहीं होने की वजह से उन्हें यहां आने की अनुमति नहीं मिल पा रही थी। यह मायका के प्रति उनका लगाव ही था कि लगातार यहां आने का प्रयास कर रही थीं। इसके बाद अब जाकर उन्हें यहां आने की इजाजत मिल सकी है।
45 दिनों के लिए वीजा
नसीम बानो को 45 दिनों के लिए यहां रहने की अनुमति मिली है। इस अवधि में वह अपने मायके वालों के साथ वक्त गुजार सकेंगी। नसीम सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद अपनी सुरक्षा से जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करवाने नगर थाना पहुंचीं। यहां उन्होंने अपना पासपोर्ट, वीजा व पहचान से जुड़े अन्य दस्तावेजों की प्रति सौंपी। यहां जिनके पास उन्हें जाना था, उसकी जानकारी भी दी गई। इस बारे में पुलिस का कहना है कि नसीम बानो ने यहां पहुंचने की जानकारी दी है। इसके बाद जब वह यहां से वापस जाने लगेंगी तो इसकी सूचना भी वह थाना को देंगी। जिससे सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की चिंता न हो।
लोगों में भी उत्सुकता
नसीम बानो के यहां पहुंचने पर मोहल्ले के लोगों में उत्सुकता है। वे पाकिस्तान के हालात के बारे में जानना चाह रहे हैं। वहां की महंगाई और बाढ़ से तवाही की चर्चा खूब हुई। नसीम को वहां की राजनीति से बहुत मतलब नहीं है। कहती हैं कि कश्मीर से धारा 370 को हटाने के बाद भारत-पाक रिश्ते में और तल्खी आ गई थी। जिसके बाद आवाजाही प्रभावित हुई।
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