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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लक्ष्मेश्वर राय का शानदार राजनीतिक सफर, पहली बार में ही बने विधायक और अब मंत्री

By Ajit KumarEdited By:
Published: Sun, 02 Jun 2019 01:31 PM (IST)Updated: Sun, 02 Jun 2019 11:00 PM (IST)

जिले के लौकहा विधान सभा क्षेत्र के जदयू विधायक लक्ष्मेश्वर राय गरीब किसान परिवार से आते हैं। ये मधुबनी जिले के लदनियां प्रखंड के ठाढी गांव के रहने वाले हैं।

लक्ष्मेश्वर राय का शानदार राजनीतिक सफर, पहली बार में ही बने विधायक और अब मंत्री
लक्ष्मेश्वर राय का शानदार राजनीतिक सफर, पहली बार में ही बने विधायक और अब मंत्री

मधुबनी, जेएनएन। मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद पाए मधुबनी जिले के लौकहा विधान सभा क्षेत्र के जदयू विधायक लक्ष्मेश्वर राय गरीब किसान परिवार से आते हैं। ये मधुबनी जिले के लदनियां प्रखंड के ठाढी गांव के रहने वाले हैं, जो बाबूबरही विधान सभा के क्षेत्र के अंतर्गत है। लक्ष्मेश्वर राय वर्ष 2015 में हुए विधान सभा चुनाव में जदयू के टिकट पर लौकहा विधान सभा क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़ा और विधायक चुने गए। इन्होंने भाजपा प्रत्याशी प्रमोद प्रियदर्शी को पराजित किया था। मंत्री बनने पर इनके इलाके सहित जिलेवासियों में खुशी की लहर है। लक्ष्‍मेश्‍वर राय को अापदा प्रबंधन विभाग मिला है। 

छात्र जीवन में रहे एसएफआइ के जिला सचिव

करीब 50 वर्षीय श्री राय राजनीति क्षेत्र से दो दशक से भी ज्यादा से जुड़े हैं। छात्र जीवन में ये एसएफआइ के जिला सचिव भी रह चुके हैं। बाद में ये समता पार्टी से जुड़े। इसके बाद राजद से। राजद से बाद में नाता तोड़कर जदयू से जुड़ गए। वर्तमान में श्री राय जदयू अतिपिछडा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

   वे वर्ष 2006 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव में लदनियां प्रखंड स्थित जिला परिषद क्षेत्र संख्या-19 से जिला पार्षद बनने के लिए चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा। लेकिन इसी क्षेत्र से 2011 के चुनाव में जिला पार्षद चुने जाने में सफल रहे। जिला पार्षद पद पर रहते हुए 2015 में लौकहा से विधान सभा चुनाव लड़े और विजयी हुए। इसके बाद जिला पार्षद के पद से इस्तीफा दे दिया।

पत्नी आंगनबाड़ी सेविका के रूप में कार्यरत

विधायक श्री राय की पत्नी आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविका हैं। वे स्नातकोत्तर डिग्री धारी हैं। आरके कालेज से इन्होंने 1990 में एमए किया। वर्ष 2015 के विधान सभा चुनाव में नामांकन पत्र के साथ संलग्न शपथ पत्र के मुताबिक इनके विरूद्ध जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट, आरपी एक्ट से जुड़ा एक मुकदमा इनपर दर्ज है। 

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