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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gen Z आंदोलन ने बढ़ाई चुनौती, नेपाल को आगे और अधिक मेहनत करने की होगी जरूरत

Published: Sun, 14 Sep 2025 08:06 PM (IST)

नेपाल में अंतरिम सरकार बनने के बाद सत्ता से बेदखल लोगों की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। जेन-जी ...और पढ़ें

जेन-जी आंदोलन में मारे गए लोगों को दी गई श्रद्धांजलि। जागरण
जेन-जी आंदोलन में मारे गए लोगों को दी गई श्रद्धांजलि। जागरण

HighLights

  1. नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन पर चर्चा |
  2. जेन-जी आंदोलन के बाद सत्ता परिवर्तन |
  3. वीरगंज में जनजीवन सामान्य हो रहा |

अमरेंद्र तिवारी, नेपाल से लौटकर। नेपाल में अंतरिम सरकार के बनने के साथ अब देश की वर्तमान स्थिति के बीच सत्ता के करीब रहे लोगों की स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जन मन में यह बात है कि जो लोग सत्ता से बेदखल हुए हैं उन्होंने भी कभी राजशाही के खिलाफ आंदोलन किए, लेकिन आगे चलकर उनमें से कई की स्थिति ...!

नेपाल के वीरगंज स्थित घंटाघर के पास जेन-जी आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के बाद देश की राजनीति पर चर्चा कर रहे लोग इस बात को बता रहे थे कि जेन-जी आंदोलन के बाद अब नेपाल का पुराना इतिहास भी याद आने लगा है।

यह खड़े परवानीपुर के रमेश शाह और रानीघाट के राघव पटेल कहते हैं- जेन जी आंदोलन के बाद सत्ता परिवर्तन हो गया। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी तीसरे मोर्चे की हाथ में कमान है। इस बीच सत्ता से बेदखल हुए लोग क्या बदलाव के साथ होंगे। या फिर वो ...!

यहां जमा लोग हमारे राष्ट्रीय झंडा व शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल जला रहे थे। बाजार में सामान्य स्थिति बहाल हो रही। लोगों की दिनचर्या सामान्य हुई है।

सरकारी दफ्तर भी खुल गए हैं। वीरगंज की सरोज देवी कहती हैं- अभी आगे और मेहनत की जरूरत है। सब कुछ ठीक रहा तो छह महीने बाद समय पर चुनाव होने पर देश में एक बेहतर सरकार बनेगी।

जेन-जी आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे राबिन अकेला, मनजीत पहाड़ी बताते हैं, हमारे युवा शहीद हुए हैं, उनको श्रद्धांजलि दे रहे। इन युवाओं के लिए सरकार कुछ करे।

उनके परिवार के लिए कुछ सोचे। आंदोलन के आग की लपटें अभी बंद हैं। जन जीवन सामान्य हो रहा। स्वास्थ्य सेवाएं भी पूर्णतः बहाल है। वीरगंज का घंटाघर जहां पर सन्नाटा पसरा रहता था। वहां लोगों ने अपने शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित इलाके के लोगों को बुलाया है।

राम प्रकाश राय कहते हैं- छोटी सी दुकान थी, वह भी नहीं खुल रही थी। आज से काम पर लौटा हूं। स्थिति बदलने दीजिए। सब ठीक हो जाएगा। भारतीय क्षेत्र के हरसिद्धि से नेपाल पहुंचे मोहित रमन ने बताया की आंख के आपरेशन करने के लिए उन्हें जाना था, लेकिन यहां एक रिश्तेदार के यहां ठहरे थे।

अब हालात स्थिर हैं तो अस्पताल जाएंगे। वीरगंज की बबिता सोनी ने बताया काठमांडू में उसके एक भाई की तबीयत खराब है। उसको पैसा पहुंचाने जाना था। लेकिन नहीं जा पा रही थी। आज से सब कुछ ठीक है तो जान में जान आई।