समस्तीपुर, जासं। Amazing Incident : हंसना और मुंह फुलाना दो विपरीत ध्रुवी मनोदशा है। इसको एक साथ अभिव्यक्त करना संभव नहीं हो पाता। भरी आंखों के साथ मुस्कुराने में भी कुछ इसी तरह की स्थिति है, लेकिन यह जीवन है और किसे कब-कहां इसका कौन सा रूप देखने को मिल जाए, कहा नहीं जा सकता। समस्तीपुर के विभूतिपुर में भी कुछ इसी तरह की घटना हुई। जहां एक परिवार को रोते-रोते मुस्कुराना पड़ा। यह घटना इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। 

पड़ोस के लोग सांत्वना देने भी आने लगे

दरअसल, विभूतिपुर थाना क्षेत्र के लोलहा चौक के समीप रेलवे गुमटी- 24 सी के निकट मंगलवार को एक हैरान करने वाला वाकया सामने आया। यहां एक वृद्धा ट्रेन की चपेट में आ गई। जिससे उसकी मौत हो गई। ट्रैक पर पड़े महिला के शव को राजेंद्र पासवान और उसके भाई अपनी मां का शव समझकर बाजिदपुर बम्बैया वार्ड 2 स्थित अपने घर ले आए। इसके बाद जैसा होता है, क्रंदन शुरू हो गई। चीख-पुकार मच गई। पड़ोस के लोग सांत्वना देने भी आने लगे। शव को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। सूचना पाकर पहुंची जीआरपी ने मृतक का नाम, पता आदि पूछकर डायरी में दर्ज कर ली और लौट गई। अभी रोना-धोना और सांत्वना देने का सिलसिला चल ही रहा था कि वृद्धा रामवती देवी (राजेंद्र पासवान की मां) चलते-चलते वहां पहुंच गई। उनपर जिनकी भी नजर गई उसे यकीन ही नहीं हुआ। सबने उनको घेर लिया। कोई छूकर देख रहा था कोई गले लग रहा था। क्रंदन का माहौल खुशी में बदल गया। फिर क्या था, स्वजनों ने वहां पड़े शव को उठाया और रेलवे ट्रैक पर जाकर रख दिया। जीआरपी को दोबारा घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा। अब विभूतिपुर थाना की पुलिस शव के शिनाख्त में जुटी है।

वृद्ध महिला का शव होने की सूचना तेजी से फैली

उक्त रेलवे गुमटी के समीप ट्रैक पर कटकर एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना विभूतिपुर थाना को दी। थानाध्यक्ष ने चौकीदार को घटनास्थल पर पहुंचने को कहा। वृद्ध महिला का शव होने की सूचना इलाके में तेजी से फैली। लोगों ने यह संदेह जताया कि उक्त शव बाजिदपुर बम्बैया पंचायत अन्तर्गत वार्ड 2 टोला बंगला निवासी दिवंगत राम सेवक पासवान की पत्नी रामवती देवी का है। इनके स्वजन मौके पर पहुंचे। मृतका की पहचान चेहरे से नहीं हो पा रही थी। उसकी साड़ी और रामवती देवी के साड़ी का रंग लगभग एक जैसा देख स्वजन शव को खाट पर लादकर घटनास्थल से अपने घर ले गए। पुत्र राजेंद्र पासवान, रविंद्र पासवान, पोतहू पारो देवी, सोमाली देवी, पौत्र फुटानी पासवान समेत स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे थे। तभी रामवती देवी सकुशल अपने घर पहुंच गई।

दवा लाने गई थी वृद्धा

स्वजनों की मानें तो मंगलवार सुबह करीब 11 बजे रामवती देवी सिंघियाघाट स्थित बैंक शाखा से रुपये निकासी के लिए गई थी। यहां कुछ देरी हुई। लौटने के क्रम में वह गांव के ही समीप एक मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रही थी। कुछ लोगों ने उनके मरने की सूचना से घरवालों में क्रंदन की जानकारी दी। इसके बाद वह सीधे घर लौटी तो माजरा साफ बदल गया। भरी-भरी आंखों के साथ लोग मुस्कुराने लगे।

साड़ी के कलर और डिजाइन से संशय

मृतक वृद्ध महिला की साड़ी और रामवती देवी की साड़ी का रंग लगभग मिल रहा था। कद-काठी और उम्र में भी समानता दिख रही थी। इससे आशंका को बल मिला और जो हुआ वह किसी फिल्म की कहानी की तरह हुआ। थानाध्यक्ष का कहना है कि मृतका का शव पुलिस कब्जे में लेकर विभूतिपुर थाना परिसर लाया गया है। अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रतीक्षा की जा रही है। 

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