उपमुख्यमंत्री ने कहा, औद्योगिक विकास के लिए दूसरे राज्य के माडल का किया जाएगा अध्ययन
Muzaffarpur News संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के समक्ष बिजली पानी सड़क जैसी कई समस्याएं रखीं। उपमुख्यमंत्री ने बियाडा अधिकारियों को इन समस्याओं का समाधान करने और नियमित रूप से उद्यमियों से संवाद करने का निर्देश दिया। लघु उद्योग भारती ने वियाडा की नीतियों पर सवाल उठाए और सुधार की मांग की।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur News : बेला स्थित आरटीडी सेंटर में लघु उद्योग भारती की ओर से उद्यमी संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के समक्ष उद्यमियों ने समस्याओं की झड़ी लगा दी। बताया कि सर, शेड के नीचे काम कर रहे उद्योगों को बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहा है।
परिसर में जलजमाव बड़ी समस्या है। इसके अलावा सड़क, जलनिकासी, गैस कनेक्शन, चिकित्सालय, बैंकिंग सुविधा, सरकारी खरीद नीति, छोटे व महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने जैसी समस्याएं भी रखीं। इसपर नाराजगी जताते हुए उपमुख्यमंत्री ने बियाडा के डीजीएम से कहा यह बेहद गलत है कि इतनी छोटी-छोटी समस्याएं मंत्री तक पहुंच रही हैं।
निर्देश दिया कि नियमित रूप से उद्यमियों से संवाद करें और स्थानीय स्तर पर समाधान करें। जो समस्या नीतिगत है, उसकी रिपोर्ट बनाकर दें। उपमुख्यमंत्री ने कहा अन्य राज्यों में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं और क्या सुविधाएं दी जा रही हैं, इसका अध्ययन कराया जाएगा।
डीजीएम को टास्क दिया कि वे अपने स्तर से अध्ययन कर उद्यमियों से समन्वय बनाकर रिपोर्ट दें। विकसित और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्यामसुंदर भीमसेरिया ने कहा राज्य के उद्योग विभाग में पूर्णकालिक प्रधान सचिव नहीं हैं। बियाडा में स्थायी एमडी का अभाव है। बियाडा की नीतियों ने उद्यमियों को सड़कों पर ला दिया है। न्यायालयों में मामलों का अंबार है और अफसरशाही से कार्य की गति धीमी है।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, एसएसपी सुशील कुमार, नगर आयुक्त विक्रम विरकर, बियाडा के कार्यकारी निदेशक चंद्रशेखर सिंह व रंजीत कुमार, डीजीएम नीरज कुमार मिश्रा, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक अभिलाषा कुमारी आदि थे।
संवाद में उठे मुख्य सवाल-
- परचेज नीति स्पष्ट नहीं है।
- फेसिलिटेशन चार्ज हटाने की मांग।
- लीज होल्ड व्यवस्था में सुधार।
- डेडिकेटेड फीडर की आवश्यकता।
- टेक्सटाइल क्लस्टर के बिजली बिल अत्यधिक, कमी की मांग।
- बियाडा को भंग कर जिला उद्योग विभाग को जवाबदेही देने की मांग।
- जमीन को लीज होल्ड की बजाय फ्री होल्ड किया जाए।
- औद्योगिक पट्टा नवीकरण की अवधि 10 वर्षों से बढ़ाई जाए।
- सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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