सरकारी शिक्षकों को वेतन के लिए अब नहीं करना होगा लंबा इंतजार, परेशानी दूर करने के लिए DEO ने बनाई व्यवस्था
मुजफ्फरपुर में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने शिक्षकों के वेतन भुगतान में देरी की समीक्षा की। 27 हजार से अधिक शिक्षकों के वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान में देरी पर चिंता जताई गई। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज हैं। डीईओ ने अधिकारियों को समय पर विपत्र जमा करने के निर्देश दिए और देरी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur News: जिला शिक्षा पदाधिकारी ने वेतन से संबंधित मामले की समीक्षा की। इस क्रम में शिक्षकों के वेतनादि भुगतान से संबंधित विपत्र, अवकाश अवधि के भुगतान एवं सेवान्त लाभों के भुगतान की कार्रवाई ससमय नहीं किए जाने की बात सामने आई है। जिले में 27 हजार से अधिक शिक्षक हैं।
इस कारण शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी को अनावश्यक आर्थिक कठिनाइयों से जूझना पड़ता है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर काफी संख्या में वेतनादि भुगतान की शिकायत देखा जा रहा है।
वेतन एवं सेवान्त लाभ का भुगतान ससमय करने का दायित्व चिन्हित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डाटा इंट्री आपरेटर -सह-लेखा सहायक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना संभाग के लिपिक एवं कर्मी का है।
संबंधित कर्मचारी ईमानदारी से काम नहीं कर रहे है। डीईओ ने कहा कि प्रखंड शिक्षा अधिकारी प्रत्येक माह के 25 तारीख को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना कार्यालय को उपस्थिति विवरणी देंगे। पुराने वेतनमान के जिला संवर्ग के सहायक शिक्षक, पुराने वेतनमान के जिला संवर्ग के स्नातक शिक्षक, प्रधानाध्यापक, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षकों का चिन्हित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक वेतन विपत्र तैयार कर माह के 25 तारीख को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को देंगे।
किसी भी सेवानिवृत्त शिक्षक/ शिक्षकेतर कर्मी का सेवान्त लाभ का भुगतान या अन्य किसी प्रकार के बकाया का भुगतान समय पर नहीं किए जाने के कारण मानवाधिकार आयोग या माननीय लोकायुक्त या माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया जाता है तो उसकी सारी जबावदेही चिन्हित मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक की होगी। उनके विरूद्ध अनुशासनिक एवं विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी।
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