विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dengue cases: डेंगू का डंक लोगों को बना रहा अपना शिकार, मुजफ्फरपुर में 10 नए मरीज मिले, संख्या 55 के पार

By Amrendra TiwariEdited By: Monu Kumar Jha
Published: Tue, 19 Sep 2023 11:35 AM (IST)Updated: Tue, 19 Sep 2023 11:44 AM (IST)

बिहार के मुजफ्फरपुर में डेंगू का भयंकर कहर जारी है। यहां पर धीरे - धीरे यह अपना पैर पसार रहा ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए प्रयोग की गई तस्वीर। फोटो जागरण
प्रस्तुति के लिए प्रयोग की गई तस्वीर। फोटो जागरण

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर में पिछले दो दिनों में डेंगू के मिले दस नए मरीज
  2. आंकड़ा पहुंचा 55 के पार, एलाइजा टेस्ट से संक्रमण की पुष्टि

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर: बिहार में डेंगू का कहर जारी है। पिछले दो दिन में दस नए मरीज मिले हैं। इसके साथ यह संख्या 55 पार पहुंच गई है। एसकेएमसीएच (SKMCH) में अभी नौ मरीजों का इलाज चल रहा है। ठीक होने के बाद 18 मरीज को डिस्चार्ज किया गया है। इसके साथ प्रसाद मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में तीन मरीजों का इलाज चल रहा है।

जहां मरीज मिल रहे हैं वहां पर विभाग की ओर से फॉगिंग कराई जा रही है। फॉगिंग के लिए मुशहरी, कांटी, मीनापुर व मुरौल में मशीन उपलब्ध कराई गई है। सिविल सर्जन डा. यूसी शर्मा ने सभी पीएचसी प्रभारी को अपने स्तर से फॉगिंग मशीन खरीदने का फरमान जारी किया है।

एसकेएमसीएच ब्लड बैंक के प्रभारी डा.संजय कुमार ने बताया कि उनके यहां 75 यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध हैं। यहां से एसकेएमसीच के साथ निजी अस्पताल को भी प्लेटलेट्स दिए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: डेंगू का कहर! भागलपुर में छठी मौत, फिर भी आंकड़ों को छुपाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग

सदर व सरकारी अस्पताल में आ रहे मरीज

एसकेएमसीएच (SKMCH) के अधीक्षक डा.दीपक कुमार ने बताया कि उनके यहां पर मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन 500-600 के बीच मरीज आ रहे हैं। इनमें 8-10 संदिग्ध मरीज रहते हैं। जांच के बाद औसतन प्रतिदिन दो से तीन मरीज में डेंगू की पुष्टि हो रही है।

सदर अस्पताल के अधीक्षक डा.बीएस झा ने बताया कि उनके यहां 300-350 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। इसमें तीन-चार संदिग्ध डेंगू के मरीज रहते हैं। इसकी जांच के लिए रिपोर्ट एसकेएमसीएच (SKMCH) भेजी गई है।

एलाइजा टेस्ट कराने के बाद डेंगू की पुष्टि

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में डेंगू के लक्षण मिलते हैं, उनका एसएकेएमसीएच में एलाइजा टेस्ट (ELISA Test) कराया जाता है। उसके बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है। हर पीएचसी में अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। हर जगह जांच व इलाज की सुविधा मिल रही है।

यह भी पढ़ें: Dengue in Bihar: इन लक्षणों को बिलकुल न करें नजरअंदाज, डेंगू मरीज को फायदा करेगा इन चीजों का सेवन