मुजफ्फरपुर : लखीमपुर खीरी कांड को लेकर सादपुरा रेलवे गुमटी के समीप सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले ट्रेन रोका अभियान चलाया गया। इस दौरान जंक्शन से सहरसा जाने के लिए निर्धारित समय से खुली नई दिल्ली-सहरसा क्लोन एक्सप्रेस को 30 मिनट तक रोक दिया। उधर से अप में जा रही मालगाड़ी रेलवे गुमटी से थोड़ी दूर पर खड़ी रही। आंदोलन का नेतृत्व मो. इदरीश, शाहिद कमाल, चंदेश्वर प्रसाद चौधरी, अजय कुमार सिंह, शंभूशरण ठाकुर, अर्जुन कुमार, नमिता सिंह, कामिनी कुमारी आदि कर रहे थे। 02564 नई दिल्ली-सहरसा क्लोन एक्सप्रेस 12.50 में स्टेशन से निर्धारित समय से खुली। मोर्चा के लोगों ने रेलवे गुमटी को बंद नहीं करने दिया। कुछ लोग रेल पटरी पर सो गए थे तो कुछ हाथों में बैनर, तख्ती लेकर रेलवे लाइन पर नारे लगाते रहे। इस बीच परिचालन विभाग ने ट्रेन रोक दी। इस दौरान गुमटी पर मिठनपुरा थानाध्यक्ष भागीरथ प्रसाद, नारायणपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर विजय रंजन, मुजफ्फरपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर पीएस दुबे, जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश कुमार साहू आदि तैनात थे। पुलिस ने समझा बूझाकर रेल लाइन खाली कराया। इसके बाद विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनें गंतव्य के लिए खुलीं। दोपहर करीब तीन बजे परिचालन सामान्य हुआ। आंदोलनकारियों ने गृह राज्य मंत्री को बर्खास्त कर गिरफ्तार करने, कृषि कानून व बिजली बिल 2020 को रद करने आदि की मांग कर रहे थे।

स्टांप कालाबाजारी के आरोप में हंगामा

पंचायत चुनाव में नामांकन प्रक्रिया में शपथ पत्र में ज्युडिशियल स्टांप को लेकर सोमवार को भी मारामारी की स्थिति रही। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में स्टांप बिक्री के लिए तीन काउंटरों से की गई, लेकिन यहां धक्का मुक्की चली। सोमवार को छह लाख रुपये के स्टांप की बिक्री हुई। इस दौरान कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया। भीड़ के कारण शाम सात बजे तक स्टांप बिक्री हुई। 80 लोगों को कूपन के आधार पर स्टांप बेची गई।

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