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रेलवे स्टेशन पर बच्चा चोरी गिरोह का भंडाफोड़, समस्तीपुर का झोलाछाप मास्टर माइंड

By Gopal Tiwari Edited By: Ajit kumar
Published: Thu, 04 Dec 2025 07:53 PM (IST)

रेल एसपी ने बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए हाजीपुर जंक्शन से चोरी हुए छह माह के बच्चे को ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाजीपुर स्टेशन से चोरी गया बच्चा बरामद

  2. समस्तीपुर का डॉक्टर मास्टरमाइंड

  3. सीसीटीवी से मिला अहम सुराग

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar News: रेल एसपी ने बच्चा चोर गिरोह का भंडफोड़ किया है। हाजीपुर जंक्शन से तीन अक्टूबर की शाम चोरी हुआ छह माह के बच्चे को जीआरपी, इसके इंटेलिजेंस विंग के साथ एसटीएफ की टीम की कड़ी मेहनत के बाद बच्चे को बरामद कर लिया गया। इस दौरान तीन महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस ब्लाइंड केस के उद्भेन में मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली और छपरा में लगातार छापेमारी के बाद सफलता मिली। छह अक्टूबर को हाजीपुर जीआरपी में कांड दर्ज कर थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने क्राइम ब्रांच के आरपीएफ इंस्पेक्टर चंदन कुमार के साथ जांच शुरू की थी।

बच्चा चोर गिरोह का मास्टरमाइंड समस्तीपुर शाहपुर पटोरी का रहने वाला छोलाछाप डाक्टर अविनाश कुमार है, लेकिन भनक लगने पर वह मौके से भाग निकला। रेल एसपी वीणा कुमारी ने उसकी शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश दिया है। रेल एसपी ने इस कांड के उद्भेन करने वाले सभी पुलिस कर्मियों को नकद इनाम के साथ प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित करेंगी।

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उन्होंने कहा कि बच्चा चोर गिरोह का संचालन तीन-चार लेयर पर किया जा रहा है। एक लेयर रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी करने वाला है। दूसरा लेयर बच्चे का खरीदार ढूंढ़ता है तथा तीसरा लेयर हर रेलवे स्टेशन पर रेकी करके बताता है और ग्राहक मिलने पर तीन से लेकर पांच लाख रुपये में बच्चे को सौदा कर बेच देता है।

रेल एसपी ने बताया कि झोलाछाप अविनाश कुमार पिता स्व. बच्चा यादव समस्तीपुर जिला के महनपुर थाना क्षेत्र के बिनगामा जलालपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में उक्त जिला के पटोरी थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में रहता है। क्लिनिक शाहपुरपटोरी में है।

उसका सहयोगी महिला मुन्नी कुमारी पिता कमल राम, पटोरी थाना के चकसाहो गांव का निवासी है। यह ग्राहकों को खोजता है। ग्राहक सेट होने पर किरण देवी रेलवे स्टेशन पर रेकी कर बच्चे के बारे में बताती है। उसके बाद अर्जुन कुमार पलक झपकते ही बच्चे की चोरी कर लेता है। वहां डाक्टर के क्लिनिक पर ले जाता है।

ग्राहक को यह बताता है कि एक व्यक्ति बच्चा छोड़ दिया है। उसे साढ़े तीन से लेकर पांच लाख में बेच देता है। इस बच्चे को भी साढ़े तीन लाख में बेच दिया था। एक लाख रुपये डाक्टर खरीदार से अपने खाते में यूपीआइ से ट्रांसफर कराया है। वहीं अर्जुन कुमार को एक लाख 20 हजार मिले।

सोनू कुमार के खाते में एक लाख 30 हजार दिए गए, टोटल साढ़े तीन लाख रुपये का बंटवारा होता है। अर्जुन कुमार का बाप रंजीत राय भी इसी साल जून में बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ा गया और जेल गया। बाप-बेटा दोनों को बच्चा चोरी करने का अच्छा अनुभव बताया जाता है। अर्जुन बच्चे को चोरी कर सोनू को देता है और सोनू बच्चे को डाक्टर तक पहुंचाता है।

सीसी कैमरे में कैद हुई थी

घूमंतू परिवार हाजीपुर स्टेशन पर के दक्षिण छोड़ पर था। किरण देवी पहले देखकर गई और अर्जुन को बोल बच्चा चोरी करवा दी। यह घटना तीन अक्टूबर को शाम को हुई। कैमरे में इसकी तस्वीर कैद हो गई। फुटेज से पता नहीं चल रहा था। डाटा डंप में कुछ मोबाइल नंबर का मिलान किया गया। इससे सुराग मिलने पर कांड का उद्भेन हो गया।

इनकी हुई गिरफ्तारी

अर्जुन कुमार, पिता रंजीत कुमार राय, ग्राम-विदुपुर, थाना-विदुपुर, जिला-वैशाली, अनिल कुमार साह, पिता स्व.राजेन्द्र साह, ग्राम -चकसाहो, थाना-पटोरी, जिला-रामस्तीपुर, गुड़िया देवी, पति अनील कुमार साह, ग्राम-चकसाहो, थाना-पटोरी, जिला-समस्तीपुर, मुन्नी कुमारी, पिता कमल राम, ग्राम-चकसाहो, थाना-पटोरी, जिला-रामस्तीपुर, सोनू कुमार सिंह, पिता वशिष्ट सिंह, ग्राम-रहिमापुर, थाना-विदुपुर, जिला-वैशाली, किरण देवी, पति स्व. रामचन्द्र चौधरी, ग्राम -चकनौर वार्ड नंबर-10, थाना-सदर, जिला-वैशाली।