बिजली बिल पर 90 प्रतिशत का DISCOUNT, भाई वाह..यह केवल बिहार में ही हो सकता है
बिहार के सीतामढ़ी से बिजली बिल से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इसने विभाग की काम करने की शैली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। बिल से परेशान उपभोक्ता ने अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई।

सीतामढ़ी, जासं। यदि मैं कहूं कि बिजली बिल पर डिस्काउंट तो आप इसे या तो किसी पेमेंट एप का विज्ञापन मानेंगे या फिर मजाक। बिहार के सीतामढ़ी में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। बिजली बिल से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद न केवल उपभोक्ता वरन बिजली विभाग के अधिकारी भी हैरान हैं। जो कोई भी इस बारे में सुन रहा है वह विभाग को भला-बुरा कह रहा है। कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। कह रहे- इस तरह की लापरवाही केवल बिहार में ही हो सकती है।
लोक शिकायत निवारण कार्यालय में कंप्लेन
सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी प्रखंड स्थित पिपराढ़ी गांव निवासी प्रदीप चौधरी के पुत्र मदन कुमार से जुड़ा हुआ है यह बिजली बिल का मामला। विभाग ने उनको 1 लाख 95 हजार 32.97 रुपये का बिल भेज दिया था। जिसे देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। उनका दिमाग चकरा गया कि इतना बिजली बिल कैसे हो सकता है? सिर्फ जून माह का बिल ही बकाया है। जबकि उपभोक्ता के घर का बिजली भार यानी एक माह में कुल खपत की अधिकतम सीमा एक किलोवाट है। उन्होंने इसकी शिकायत अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण कार्यालय में की।
बिल में सुधार करने का आदेश
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) अरुण कुमार ने विभाग के अधिकारियों को तलब कर बिल में सुधार के आदेश दिए। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि मदन कुमार के द्वारा लोक शिकायत निवारण कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया कि बिजली विभाग के द्वारा मनमाने ढंग से 1 लाख 95 हजार 032.97 रुपये का बिल भेज दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच करने के लिए सहायक विद्युत अभियंता व विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल पुपरी को नोटिस जारी किया। प्रतिवेदन की मांग भी की थी।
1 लाख 80 हजार 569 रुपये की कमी
तदोपरांत जांच की गई। इसके बाद विद्युत विभाग ने उपभोक्ता मदन कुमार के बिजली बिल में 1 लाख 80 हजार 569 रुपये की राशि का सुधार किया। अब मदन कुमार को 14 हजार 553.97 रुपये ही जमा करना है। यह कार्रवाई दो तारीख के बाद की गई है। इसके बाद पीजीआरओ ने परिवादी मदन कुमार को नया बिजली बिल दिया। जिसके अनुसार 1 लाख 80 हजार 569 रुपये की कमी हुई है। इस फैसले से मदन कुमार काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की पहल से बिजली बिल में सुधार हुआ है। पीजीआरओ ने बताया कि लोक शिकायत निवारण कार्यालय में आम लोगों की शिकायत को गंभीरता से सुना जाता है और उसपर त्वरित कार्रवाई की जाती है जिससे लोगों की समस्या का निदान होता है।
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