बिहार का अनोखा विश्वविद्यालय जिसने बिना मान्यता के कराई MBA Entrance Exam, एडमिशन लेने पहुंचे स्टूडेंट पीट रहे सिर
एआइसीटीई से मान्यता नहीं होने के बाद भी बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने एमबीए कोर्स में नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन करा दिया। अब जब सफल छात्र-छात्राएं नामांकन कराने विभाग में पहुंच रहे हैं तो उन्हें तरह-तरह की बातें कहीं जा रहीं। इससे परेशान होकर जब छात्रों ने हंगामा शुरू किया तो उन्हें जानकारी दी गई कि कोर्स को मान्यता नहीं है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। BRA Bihar University: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के एमबीए कोर्स को एआइसीटीई से मान्यता नहीं होने के बाद भी नामांकन के लिए विद्यार्थियों से आवेदन कराया गया। इसके बाद प्रवेश परीक्षा हुई। रिजल्ट जारी कर नामांकन के लिए छात्र-छात्राओं को कोर्स आवंटित कर दिया गया। जब विद्यार्थी नामांकन कराने विभाग पहुंचे तो शुरुआत में तीन से चार दिनों तक लौटाया गया। परेशान होकर जब विद्यार्थियों ने हो-हल्ला किया तो बताया गया कि कोर्स को मान्यता नहीं है। इससे आक्रोशित छात्रों ने गुरुवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर जमकर विरोध किया।
छात्रों ने बताया कि विभाग में नामांकन के लिए दो से नौ जुलाई तक का समय दिया गया था। तीन-चार दिनों तक कुछ भी नहीं बताया गया। अचानक नामांकन कराने पहुंचे विद्यार्थियों को बताया गया कि अभी नामांकन पर रोक है। विद्यार्थियों का नामांकन प्राइवेट संस्थान में करा दिया जाएगा। जब निजी संस्थान के फीस की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट कोर्स के मुकाबले वहां कई गुणा अधिक फीस था। वहां एमबीए कोर्स की फीस करीब 2.5 लाख बताया गया।
आक्रोशित छात्रों ने सीसीडीसी कार्यालय में आवेदन देकर उन्हें घटना से वगत कराते हुए विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट कोर्स में नामांकन कराए जाने का अनुरोध किया है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि जब कोर्स को एआइसीटीई से मान्यता ही नहीं थी तो आवेदन क्यों लिया गया। प्रवेश परीक्षा में उन्हें क्यों शामिल कराया गया। विभाग में संपर्क करने पर मोबाइल स्विच आफ था।
एमबीए कोर्स को एआइसीटीई से इस सत्र के लिए मान्यता नहीं है। इस कारण विभाग में नामांकन नहीं हो रहा है। जल्द ही कोई दूसरा विकल्प तलाशा जाएगा ताकि छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
प्रो. मधु सिंह, सीसीडीस
आवंटन के बाद भी नामांकन से इन्कार कर रहे निजी संस्थान
वोकेशनल कोर्स में प्रवेश परीक्षा के आधार पर नामांकन के लिए छात्र-छात्राओं की सूची जारी की गई। जब छात्र-छात्राएं नामांकन कराने संस्थान में पहुंच रहे हैं तो निजी संस्थानों की ओर से उन्हें लौटाया जा रहा है। कहा गया है कि वे विश्वविद्यालय की सूची से नामांकन नहीं लेंगे। कई छात्रों ने गुरुवार को सीसीडीसी कार्यालय में पहुंचकर इसकी शिकायत की है। वहीं छात्र-छात्राओं के आवंटन में भी काफी गड़बड़ी हुई है।
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