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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी को मिलेगा पर्यटन केंद्र का दर्जा Madhubani News

By Ajit KumarEdited By:
Published: Sat, 21 Sep 2019 09:41 AM (IST)

विद्यापति पर्व को राजकीय समारोह घोषित किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से भेजा जाने वाला प्रस्ताव तैयार।

विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी को मिलेगा पर्यटन केंद्र का दर्जा Madhubani News
विद्यापति की जन्मस्थली बिस्फी को मिलेगा पर्यटन केंद्र का दर्जा Madhubani News

मधुबनी,[प्रेम शंकर मिश्रा]। कवि कोकिल विद्यापति की जन्म स्थली बिस्फी को पर्यटन केंद्र का दर्जा मिलेगा। साथ ही यहां प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले विद्यापति पर्व समारोह को राजकीय समारोह भी घोषित किया जाएगा। इस बाबत राज्य के कला, संस्कृति व युवा विभाग को भेजने के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। एसडीओ बेनीपट्टी ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शुक्रवार को डीएम को भेज दिया। सरकार से स्वीकृति के लिए इसी प्रस्ताव की अनुशंसा की जानी है।

यहां आते रहते हैं पर्यटक

प्रस्ताव के अनुसार, बिस्फी को विद्यापति की जन्म स्थली के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त है। दुनिया के कई स्थानों पर महाकवि की स्मृति में विद्यापति पर्व समारोह का आयोजन किया जाता है। मिथिला क्षेत्र के लोगों का विद्यापति से भावनात्मक जुड़ाव होने से यहां पर्यटकों का आना-जाना रहता है। साहित्य और शोध क्षेत्र से भी जुड़े विद्वानों का भी यहां आगमन होता रहता है। इसे पर्यटकीय ²ष्टिकोण से विकसित करने से पर्यटकों को काफी सहायता मिलेगी। साथ ही संख्या में वृद्धि होगी। इसे देखते हुए उक्त स्थल को पर्यटन केंद्र और यहां प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले विद्यापति पर्व समारोह का राजकीय समारोह का दर्जा देने की अनुशंसा की जाती है।

बन जाएगा केंद्र बिंदु

विद्यापति की जन्म स्थली के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने से यह कई धार्मिक पर्यटन स्थलों का केंद्र ङ्क्षबदु हो जाएगा। अहिल्या स्थान, शृंगि मुनि आश्रम, उज्जैठ शक्तिपीठ, पुनौरा धाम सीतामढ़ी और जनकपुर धाम से आने वाले पर्यटकों के लिए यह मुख्य केंद्र ङ्क्षबदु होगा। साथ ही स्थानीय, दूसरे राज्यों के अलावा खासकर दक्षिण पूर्व एशिया के पर्यटकों के आने की संभावना बढ़ेंगी।

जमीन का होगा अधिग्रहण

यहां चहारदीवारी के अंदर विद्यापति स्मारक लाइब्रेरी है। लेकिन, इसके जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण की जरूरत है। स्मारक भवन को भी विकसित करना है। बिस्फी अंचल स्थित इस पूरे क्षेत्र का रकवा एक एकड़ आठ डिसमिल है। प्रस्ताव के तहत इसका अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 25 लाख रुपये खर्च आएगा। बड़े हॉल को मनोरंजन के लिए बेहतर फिल्म या वीडियो हॉल के रूप में विकसित किया जाना है।