कमाल की बिहार पुलिस, मामला दर्ज कराने गया तो बेहरमी से पीटा, अपनी गर्दन फंसी तो कान पकड़ मांग रहे माफी
मुजफ्फरपुर के रामपुर हरि थाना क्षेत्र में कालेज के लेखापाल विशाल कुमार लूट की शिकायत लेकर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने मारपीट की। विशाल का कहना है कि थानाध्यक्ष ने लूट को पैसे गिर जाने की घटना बताने का दबाव डाला। घायल विशाल अस्पताल में भर्ती हैं और पुलिस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। थानाध्यक्ष ने अस्पताल में जाकर क्षमा मांगी जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। तीन दिनों पहले रामपुर हरि थाने में लूट की शिकायत करने गए एक कालेज के लेखपाल की ही पुलिस ने बेरहमी से पिटाई कर दी थी। पुलिस ने लेखपाल विशाल की पिटाई इतनी बेरहमी से की थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है। एक तरफ विभाग के स्तर से जांच हो रही है तो दूसरी ओर मानवाधिकार आयोग में शिकायत हो गई है। अपनी गर्दन फंसते देख थानाध्यक्ष अस्पताल पहुंचे और कान पकड़ माफी मांगी।
अतिगंभीर कोटि का मामला बताया
वहीं, इस घटना को लेकर पीड़ित ने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के माध्यम से राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग परिवाद दर्ज कराया है। अधिवक्ता ने इस घटना को मानवाधिकार उल्लंघन के अतिगंभीर कोटि का मामला बताया है। कहा कि आएदिन पुलिस की ओर से ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जाना मानवाधिकार के लिए खतरे का संकेत है। आयोग से मामले में उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की गई है।
कान पकड़कर माफी मांगने का वीडियो प्रसारित
मामला गरमाते देख बुधवार को थानाध्यक्ष सुजीत कुमार मिश्रा अस्पताल पहुंचे और कान पकड़कर माफी भी मांगी थी। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, दैनिक जागरण प्रसारित वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इधर, पीड़ित का कहना है कि थानाध्यक्ष की ओर से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि वह यह स्वीकार करें कि स्वयं पैसे को लूटा है। नहीं मानने पर थानाध्यक्ष की ओर से लगातार उनके साथ मारपीट की गई और रात करीब साढ़े 10 बजे थाने से भगा दिया गया।
बैंक में पैसा जमा करने जाने के दौरान हुई थी लूट
विदित हो कि सोमवार को विशुनदेव नारायण सिंह इंटर महाविद्यालय नरमा के लेखापाल विशाल कुमार 2.11 लाख रुपये लेकर बैंक में जमा करने जा रहे थे। इसी क्रम में बदमाशों ने हथियार के बल पर उनसे लूटपाट की थी। इसकी शिकायत कराने जब विशाल रामपुर हरि थाना पहुंचे तो थानाध्यक्ष सुजीत मिश्रा कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। उन्हें थाने में बंद कर दिया। आरोप है कि थानाध्यक्ष की ओर से पीड़ित का मोबाइल छीन लिया गया और उन्हें नजरबंद कर दिया गया।
पूरा मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद एएसपी पूर्वी सहरियार अखतर को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा उसपर कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार सिंह प्रभाकर, ग्रामीण एसपी
एसएसपी से मिले पूर्व मंत्री के साथ स्वजन, निलंबन की मांग
मुजफ्फरपुर : थानाध्यक्ष सुजीत कुमार मिश्रा की ओर से बेरहमी से पिटाई करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। थानाध्यक्ष का अपनी गलती मानने और पीड़ित से माफी मांगने का वीडियो प्रसारित होने के बाद पीड़ित के परिवार व ग्रामीणों में आक्रोश है। इसको लेकर पूर्व मंत्री ई.अजीत कुमार पीड़ित विशाल के स्वजन के साथ गुरुवार को वरीय पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषी थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की। कहा यदि अविलंब थानाध्यक्ष को निलंबित नहीं किया जाता है तो इसके खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे। पूर्व मंत्री ने कहा थानाध्यक्ष अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए कुकृत्य किया है। जिले में इस तरह के कई मामले आए है।
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