कक्षा में ही सो गया छात्र और कमरा बंद कर घर चले गए शिक्षक, नींद खुली तो लगा जैसे पूरी दुनिया ही...
मुजफ्फरपुर के एक स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र कमरे में सो गया जिसके बाद शिक्षक ने बाहर से ताला लगा दिया। छात्र के रोने की आवाज सुनकर डीएसपी ने शिक्षक को बुलवाया और एक घंटे बाद उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान छात्र को चोटें भी आईं जिनका इलाज कराया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बच्चों को विद्यालय भेज अभिभावक यह मान लेते हैं कि शिक्षक बेहतर देखभाल करेंगे। मगर बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-छह के कैंपस में स्थित मध्य विद्यालय में गुरुवार को जो घटना हुई वह अलर्ट करने वाली और चिंताजनक है।
नींद खुलने पर मचाया शोर
उक्त विद्यालय की सातवीं कक्षा के एक छात्र के सो जाने से उसे कमरे में ही बंद कर शिक्षक घर चले गए। नींद खुलने पर वह खुद को कमरे में बंद पाया। खिड़की के पास आकर उसने शोर मचाना शुरू किया। उसके रोने और चिल्लाने की आवाज स्कूल के पास बीसैप के डीएसपी तक पहुंची।
एक घंटे तक कमरे में रहा बंद
इसके बाद शिक्षक का पता लगाकर बुलवाया गया। करीब एक घंटे के बाद बच्चे को कमरे से बाहर निकाला गया। उसके शरीर पर कई जगह चोट लगी थी। उसका बीसैप के अस्पताल में ही इलाज कराया गया।
बीसैप छह स्थित मध्य विद्यालय में बंद छात्र। जागरण
हेडमास्टर गए थे प्रशिक्षण में
स्कूल के हेडमास्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव के सेक्टर पदाधिकारी के प्रशिक्षण में गए थे। एसके पांडेय को प्रभार दिया गया था। स्कूल में तीन दिवसीय प्रशिक्षण की आज शुरुआत भी हुई थी।
पीछे बैठा हुआ था छात्र
इसलिए स्कूल चार की जगह पांच बजे तक खुला था। स्कूल बंद होने के बाद सफाई कार्य कराया जाता है। इसके बाद भी छात्र पर नजर नहीं गया, यह चूक हुई है। बताया जा रहा कि पढ़ाई के दौरान पीछे के बेंच पर बैठने वाले छात्र को नींद आ गई। वह कमरे में ही सो गया।
देर तक दरवाजा पीटता रहा
छुट्टी के बाद भी उसकी नींद खुली न किसी ने उसे जगाया। इस बीच शिक्षक भी कमरे में ताला बंद कर चले गए। छात्र की नींद टूटी तो तो वह खुद को कमरे में बंद पाया। काफी देर तक वह खिड़की और दरवाजे को पीटता रहा।
इधर- उधर भागने से हुआ चोटिल
बदहवासी में इधर-उधर भागने से उसे कई जगह चोट भी लगी। खिड़की के पास आकर कई बार रोया और शोर मचाया। बीसैप के डीएसपी ने आवाज सुनी तो अपने कक्ष से बाहर निकले। देखा छात्र खिड़की से चिपक कर रो रहा था।
दो-तीन जवान उससे करते रहे बात
उसके बाद उन्होंने बीसैप के कमांडेंट रामाशंकर राय को इसकी सूचना दी। कमाडेंट ने कुछ पुलिस कर्मियों को शिक्षक का पता लगाने के लिए भेजा। तब तक दो-तीन जवान छात्र से बात करते रहे, ताकि उसकी घबराहट खत्म हो जाए।
एक घंटे के बाद निकला छात्र
किसी तरह शिक्षक का पता चलने पर पूरे विद्यालय के चाबी लेकर पहुंचे। उस कमरे की चाबी खोजने में ही दस मिनट लग गया। छात्र को करीब एक घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। कमांडेंट ने इसकी शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी से की।
मामले में दोषी पर कार्रवाई होगी। यह गंभीर मामला है। इसके साथ ही जिले के सभी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किया जाएगा कि कमरे की अच्छे से पड़ताल के बाद ही उसे बंद किया जाए।
कुमार अरविंद सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर
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