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    बिहार में खुला अवैध हथियारों के लिए ' सर्विसिंग सेंटर '... पता के बारे में एनी गेस

    By Jagran NewsEdited By: Ajit kumar
    Updated: Tue, 04 Oct 2022 02:23 PM (IST)

    बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अहियापुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है मामला। कई मामलों में वांछित चल रहे एक अपराधी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने किए कई बड़े उद्भेदन। कई चौंकाने वाले राज भी आए सामने। नेपाल से लेकर बंगाल तक कायम है उसका आतंक।

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    पुलिस की कार्रवाई से बचने का खोज रखा नायाब तरीका। फोटो: जागरण

    मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। अवैध हथियारों के लिए सर्विसिंग सेंटर। सुनने में ही थोड़ा अटपटा लग रहा है। कान इस तरह की चीजों को सुनने का आदि भी तो नहीं है, किंतु बिहार की मुजफ्फरपुर पुलिस के खुलासे कान खड़े कर देने वाले हैं। एसएसपी जयंतकांत ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कई मामलों में वांछित चल रहे किसलय ने शहर से सटे अहियापुर में ही अवैध हथियारों को तैयार करने व इसकी मरम्मती की मशीन लगा रखी थी। पूछताछ में उसने इस बात को स्वीकार किया कि वह अपराधियों को हथियार व कारतूस की आपूर्ति करता था। कहा जाए तो अपराध करते-करते उसने इसे व्यवसाय का रूप ही दे रखा था।

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    नेपाल से बंगाल तक आतंक

    कुख्यात किसलय सिंह ने वर्ष 2016 में नेपाल के वीरगंज में कई व्यवसायियों से रंगदारी वसूली। वहीं, रंगदारी नहीं देने पर दहशत फैलाने के लिए मोतिहारी के मीनाबाजार के व्यवसायी को गोली मारी व बमबाजी की। वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में फिरौती वसूलने को लेकर व्यवसायी को अगवा किया। इसके अलावा लगभग एक दर्जन संपत्तिमूलक घटनाओं को अंजाम दिया। उसके पिता की मौत सड़क दुर्घटना में हो चुकी है। कुर्की से बचने के लिए उसने सदर थाने के बीबीगंज स्थित मकान को बेचकर अहियापुर के बैरिया में रह रहा था।

    • - कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है किसलय
    • - 2018 में भगवानपुर में मुथूट फाइनेंस से 10 करोड़ के सोना लूटकांड में था शामिल
    • - 2016 में नेपाल के वीरगंज में कई व्यवसायियों से वसूली थी रंगदारी
    • - फिरौती वसूलने को लेकर सिलीगुड़ी के व्यवसायी को किया था अगवा

    दुर्गापूजा पर बड़ी घटना को अंजाम देने की थी साजिश

    एससएसपी ने बताया कि दुर्गापूजा पर पुलिस बल के विधि व्यवस्था संधारण में व्यस्त रहने का लाभ उठाते हुए किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किसलय अपने गिरोह के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र में जमा हुआ था। इसकी सूचना मिलने पर नगर पुलिस उपाधीक्षक राघव दयाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इसमें अहियापुर थानाध्यक्ष विजय कुमार सिंह, जिला आसूचना इकाई डीआइयू के मो. शुजाउद्दीन, पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार, योगेंद्र कुमार, सिकंदर कुमार व ज्योति कुमार सिंह शामिल थे। तकनीकी सूचना के आधार पर किसलय के ठिकाने पर छापेमारी की गई।

    हथियार सप्लाई व साइबर फ्राड में भी संलिप्तता की जांच

    एसएसपी ने बताया कि किसलय के घर से हथियार बनाने और मरम्मत करने की मशीन व कलपुर्जे भी मिले हैं। पूछताछ में उसने स्वीकार किया है कि वह अपराधियों को आर्म्स व कारतूस सप्लाई करता था। वह पिस्टल व अन्य आग्नेयास्त्रों की मरम्मत का कार्य भी करता था। उसके घर से बड़ी संख्या में मोबाइल, डेबिट व आधार कार्ड भी मिले हैं। इससे आशंका है कि वह साइबर फ्राड के धंधे से भी जुड़ा हुआ है।

    कहा- भुल्ला की है कारबाइन व पिस्टल

    पूछताछ में किसलय ने बताया है कि उसका गिरोह तितर-बितर हो गया है। सदर थाना क्षेत्र में सक्रिय बदमाश भुल्ला उसका रिश्तेदार है। वह इस समय जेल में बंद है। कारबाइन, पिस्टल, मैगजीन व कारतूस उसी के हैं। पकड़े जाने से पहले उसने यह सभी सामान उसके हवाले कर दिया था। एसएसपी ने बताया कि इसकी सत्यता की जांच के लिए भुल्ला को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।