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Ashutosh Shahi Murder Case: अधिवक्ता डॉलर समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, CID ने 15 पन्‍नों के आरोप पत्र में क्‍या कहा?

Muzaffarpur Crime News जमीन कारोबारी आशुतोष शाही व उनके तीन बाडीगार्डों की गोली मारकर हत्या के आरोपित अधिवक्ता सैयद कासिम हसन उर्फ डॉलर कुमार रणंजय ओंकार व उज्ज्वल कुमार उर्फ अवनीश कुमार के विरुद्ध सीआईडी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में सोमवार को आरोप पत्र दाखिल किया है। यह आरोप पत्र 15 पन्नों का है। इसमें उज्ज्वल को छोड़कर दोनों प्राथमिकी के नामजद आरोपित हैं।

By Arun Kumar Jha Edited By: Prateek Jain Published: Tue, 11 Jun 2024 01:24 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 01:24 PM (IST)
Ashutosh Shahi Murder Case: सीआईडी ने अधिवक्ता डॉलर समेत तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जमीन कारोबारी आशुतोष शाही व उनके तीन बाडीगार्डों की गोली मारकर हत्या के आरोपित अधिवक्ता सैयद कासिम हसन उर्फ डॉलर, कुमार रणंजय ओंकार व उज्ज्वल कुमार उर्फ अवनीश कुमार के विरुद्ध सीआईडी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में सोमवार को आरोप पत्र दाखिल किया है। यह आरोप पत्र 15 पन्नों का है।

इसमें उज्ज्वल को छोड़कर दोनों प्राथमिकी के नामजद आरोपित हैं। आरोप पत्र में सीआईडी ने अनुपूरक जांच जारी रखने की बात कही है। इस मामले में एफएसएल जांच की कुछ रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश किया जाना है।

इससे पहले सीआईडी ने पिछले साल 17 अक्टूबर को चार आरोपितों प्रद्युम्न शर्मा उर्फ मंटू शर्मा, विक्रांत शुक्ला उर्फ विक्कू शुक्ला, पूर्व पार्षद शेरू अहमद व गोविंद कुमार के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के कोर्ट में एक हजार से अधिक पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था।

फिलहाल चारों के विरुद्ध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-20 के कोर्ट में आरोप तय किए जाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ये चारों हाईकोर्ट से मिली जमानत के आधार पर जेल से बाहर हैं।

उज्ज्वल को जमानत मिलने से रोकने के लिए आरोप पत्र दाखिल :

पटना के फुलवारीशरीफ थाना के जानीपुर ओपी स्थित भेलुरा रामपुर गांव का उज्ज्वल 16 मार्च से इस मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। उसकी जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। 90 दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि 13 जून को पूरी होने वाली है।

अगर उससे पहले उसके विरुद्ध सीआईडी आरोप पत्र दाखिल नहीं करती तो उसे जमानत का लाभ मिल सकता था। उसे जमानत का लाभ मिलने से रोकने के लिए सीआईडी ने निर्धारित अवधि पूरा होने से तीन दिन पहले आरोप पत्र दाखिल किया।

वहीं आरोपित अधिवक्ता डालर ने चार जून को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। उनकी जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। ओंकार को बिहार एसटीएफ की टीम ने 29 मई की रात मुशहरी थाना के माधोपुर गांव से गिरफ्तार किया था। इसकी भी जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट से खारिज हो चुकी है।

इन धाराओं में दाखिल किया गया आरोप पत्र

आरोपित अधिवक्ता डालर, ओंकार व उज्ज्वल के विरुद्ध सीआइडी ने भारतीय दंड विधान की कई धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें धारा-302 (हत्या करना), धारा-307 (जानलेवा हमला), धारा-379 (चोरी करना), धारा-120 बी / 34 ( एकमत होकर घटना की साजिश रचना) व 27 आर्म्स एक्ट (घटना में अवैध आग्नेयास्त्र का प्रयोग) शामिल है। इससे पहले भी चार आरोपितों के विरुद्ध इन्हीं धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

किस पर क्‍या हैं आरोप?

आरोपित शूटर उज्ज्वल पर आरोप है कि उसके पास से जब्त पिस्टल का प्रयाेग आशुतोष शाही व उनके तीन बाडीगार्डों की हत्या में किया गया। आरोपित अधिवक्ता सैयद कासिम हसन उर्फ डालर पर आरोप है कि उन्होंने आशुतोष को अपने घर आने की सूचना उनके दुश्मनों को दे दी। वहीं ओंकार पर आशुतोष शाही की रेकी करने व घटना के समय घटनास्थल के आसपास मौजूद रहने का आरोप है। 

विदित हो कि पिछले साल 21 जुलाई की रात नगर थाना के लकड़ीढाही मोहल्ला में अधिवक्ता सैयद कासिम हसन उर्फ डालर के घर में घुस कर आशुतोष शाही व उनके तीन बाडीगार्डों को गोलियों से भून दिया था।

आशुतोष शाही की पत्नी दीपंदिता ने अधिवक्ता सैयद कासिम हसन उर्फ डालर, विक्रांत शुक्ला उर्फ विक्कू शुक्ला , पूर्व पार्षद शेरू अहमद, कुमार रणंजय ओंकार व गोविंद कुमार के विरुद्ध नगर थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।


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