Weather Muzaffarpur: आज पूरे दिन मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान
Aaj Ka Mausam Muzaffarpur पिछले पांच दिनों से मौसम एक खास ट्रेंड में चल रहा था। बुधवार को यह ब्रेक हुआ। आज भी पूरा दिन शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि शाम के समय स्थिति में थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिल सकता है।

मुजफ्फरपुर, आनलाइन डेस्क। पिछले पांच दिनों से जारी बारिश से आज राहत का अनुमान है। कम से कम दिन में तो बारिश होने के कोई भी संकेत नहीं मिल रहे हैं। शाम के समय मौसम में बदलाव का अनुमान है। इसकी वजह से हल्की बारिश हो सकती है। बुधवार का दिन मौसम के ट्रेंड को ब्रेक करने वाला दिन साबित हुआ। आसमान में बादल छाए रहने के बाद भी बारिश नहीं हुई। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। गुरुवार की सुबह की बात करें तो आज भी सुबह में आसमान बादलों से ढंका है। ट्रेंड के विपरीत आज सुबह पुरवा चल रही है।
पूरे दिन धूप-छांव की स्थिति
वक्त गुजरने के साथ हवा की दिशा बदलकर उत्तर पश्चिम हो जाएगी। दिन में धूप व छांव का क्रम चलता रहेगा। डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के मौसम विभाग तथा एक्यूवेदर की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज का अधिकतम तापमान 33 डिग्री रहने का अनुमान है। एक अंतराल के बाद धूप व छांव की स्थिति रहेगी। मुख्य बदलाव शाम को देखते मिल सकते हैं। उस समय के लिए यदि हवा की दिशा की बात की जाए तो वह उत्तर पश्चिम रहेगा। उसम बूंदाबादी व मेघ गर्जन की संभावना है। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रह सकता है।
गंधी बग कीट से ऐसे करें बचाव
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण धान में गंधी बग कीट का खतरा है। कुढ़नी के कृषि समन्वयक सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि बालिया निकलने तथा दूध भरने की अवस्था वाली पिछात धान की फसल में गंधी बग कीट की निगरानी करें। धान की इस अवस्था में यह कीट पौधों को अधिक क्षति पहुंचाता है जिससे उपज में काफी कमी होती है। इस कीट के शिशु एवं प्रौढ़ दुग्धावस्था वाली धान की फसल में बालियों का रस चूसना प्रारंभ कर देते हैं । जिससे दाने खोखले एवं हल्के हो जाते हैं तथा छिलका का रंग सफेद हो जाता है। इसके शरीर से विशेष प्रकार का बदबू निकलती है। जिसकी वजह से इसे खेतों में आसानी से पहचाना जा सकता है। इसके नियंत्रण के लिए फालीडाल दस प्रतिशत धूल का प्रति हेक्टेयर 10-15 किलोग्राम की दर से मूरका आठ बजे सुबह से पहले अथवा पांच बजे शाम के बाद बालियों पर करें खतों के आस-पास के मेड़ों पर दवा का भूरकाव अवश्य करें।
जल निकासी का प्रबंध जरूरी
मिर्च, फूलगोभी, टमाटर एवं बैगन की फसल में आवश्यकतानुसार जल की निकासी का प्रबंध करें। फूलगोभी की फसल में पत्ती खाने वाली कीट की निगरानी करें। इस कीट के पिल्लू फूलगोभी की मध्यवाली पत्तियों तथा सिरवाले भाग को अधिक क्षति पहुंचाती हैं। शुरुआती अवस्था में यह पिल्लू पत्तियों की निचली सतह में सुरंग बनाकर एवं उसके अंदर पत्तियों को खाता है। बैगन की फसल में तना एवं फल छेदक कीट की निगरानी करें। शुरुआती रोकथाम के लिए बैगन की रोपाई के 10-15 दिनों बाद एक ग्राम फ्यूराडान 3 जी. दानेदार दवा प्रति पौधा की दर से जड़ के पास मिट्टी में मिला दें। खड़ी फसल में इस कीट का आक्रमण होने पर कीट से ग्रसित तना एवं फल की तुराई कर मिट्टी में गाड़ दें।
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