मुजफ्फरपुर, वसं : नारी संवेदना को अपने अभिनय से जीवंत करती हूं। पात्र के अनुरूप अपने को ढालने पर जोर देती हूं। ताकि सीरियल देखने वाली आधी आबादी मुझमें अपना चरित्र देख सके। ये बातें पीयूसीएल के राज्य सम्मेलन में पहुंची अभिनेत्री सोनम झा ने कही। वे शनिवार को विशेष बातचीत कर रहीं थीं। 'न आना इस देश लाडो' जैसे लोकप्रिय सीरियल में माता जी की देवरानी बनी शीला के पात्र को आप नहीं भूले होंगे। इस भूमिका में अपने अभिनय से दर्शकों से जबर्दस्त प्रशंसा पाने वाली सोनम ने कई फिल्मों में काम किया है।

न आना इस देश लाडो में काम करने के दौरान वे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। लिहाजा उन्हें अपना काम छोड़ना पड़ा। दूसरा सीरियल लाइफ ओके पर सपनों के भंवर में नायिका रही लेकिन यह सीरियल छह माह ही चल पाया। इसके अलावा बाहुबली सीरियल में भी काम किया है। फिल्मों में काम करने की चर्चा करते हुए बताया कि प्रकाश झा के आरक्षण में सैफ अली की मां का रोल निभा चुकी हैं। इसके अलावा चिल्लर पार्टी में भी काम किया।

उन्होंने कहा कि इन दिनों मुंबई में नाटकों में हिस्सा ले रही हूं। अभी तक सुमन और सना, मानव काल, बलि और शंभू आदि हैं। उनके अभिनय में सशक्तता प्रारंभ से ही रंगकर्म से जुड़े होने के कारण रही है।

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