पंकज कुमार, मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर हाजीपुर व समस्तीपुर रेलखंड पर चार साल के बाद विद्युत चालित ट्रेनों के दौड़ने का सपना पूरा होगा। अब यात्री विद्युत ट्रेनों से सफर का आनंद लेंगे। कई छोटे स्टेशनों पर ट्रेन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने वाली है।

मालगाड़ी के पीछे दौड़ेगी वैशाली

जानकारी के अनुसार पिछले माह सीआरएस की मंजूरी के बाद अधिकारी इलेक्ट्रिक इंजन को दूसरे जोन से मंगवाने में जुट गए थे। सोनपुर मंडल को कई विद्युत इंजन मिलने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर-हाजीपुर-समस्तीपुर रेलखंड पर मालगाड़ी के पीछे-पीछे वैशाली एक्सप्रेस विद्युत इंजन से दौड़ेगी। दूसरे फ्रेज में बिहार संपर्क क्रांति समेत अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में इंजन जोड़ा जाएगा। परिचालन शुरू होने से हाजीपुर से मुजफ्फरपुर होते हुए समस्तीपुर 120 किमी की दूरी 90 मिनट में तय होगी।

चार साल में पूरा हुआ कार्य

रेलवे बोर्ड ने मुजफ्फरपुर हाजीपुर, समस्तीपुर व बछवाड़ा रेलमार्ग पर विद्युतीकरण के लिए सौ करोड़ आवंटित किए थे। एक साल पहले बछवाड़ा रेल मार्ग पर विद्युतीकारण कार्य पूरा किया गया। उसके बाद मुजफ्फरपुर हाजीपुर व समस्तीपुर रेल मार्ग पर काम चालू किया गया। चार साल के बाद कार्य पूरा किया गया।

पहले दिन छोटे स्टेशन पर तैनात रहेंगे कर्मचारी

विद्युत सप्लाई सही रखने के लिए छोटे स्टेशन पर कर्मचारी तैनात होंगे। विद्युत विभाग की स्पेशल ट्रेन भी साथ-साथ चलेगी।

गुमटी पर गेटमैन को किया जा रहा सतर्क

24 दिसंबर से चलने वाली विद्युत चालित ट्रेनों के लिए हर रेलवे गुमटी के गेटमैन को सतर्क किया जा रहा है। रेलवे अधिकारी गेटमैन को निर्देश दे रहे हैं।

चालक व गार्ड को प्रशिक्षण

चालक व गार्ड को प्रशिक्षित किया जा रहा है। चालकों का कहना है कि अब समय की बचत होगी।

करोड़ों की बचत

परिचालन शुरू होने के बाद सोनपुर मंडल को डीजल खर्च में करोड़ों की बचत होगी। सिर्फ नरकटियागंज रेलखंड पर चलने वाली ट्रेनों में ही डीजल की आपूर्ति होगी।

'विद्युत ट्रेन के परिचालन से यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। धीरे-धीरे सभी एक्सप्रेस व सवारी ट्रेनों में इंजन जोड़ा जाएगा।'

अरविंद कुमार रजक, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी