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    Bihar: तीर-धनुष लेकर मुखिया प्रत्याशी की रक्षा कर रहे ग्रामीण, पति को नक्सलियों ने मारा; अब शिफ्ट में पहरेदारी

    By Roma RaginiEdited By: Roma Ragini
    Updated: Wed, 17 May 2023 04:26 PM (IST)

    Munger Panchyat By electionमुखिया प्रत्याशी पद पर खड़े पूर्व मुखिया सह सरपंच जालेश्वर कोड़ा की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने जान को खतरा देखते हुए मुखिया प्रत्याशी रेखा देवी की सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है।

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    मुंगेर के अजीमगंज पंचायत में तीर-धनुष लेकर मुखिया प्रत्याशी की रक्षा कर रहे ग्रामीण

    शशिकांत, धरहरा (मुंगेर)। नक्सल प्रभावित धरहरा प्रखंड में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आदिवासी समाज के लोग तीर-धनुष लिए अपनी मुखिया प्रत्याशी रेखा की रखवाली कर रहे हैं। इसके लिए रात भर दो शिफ्ट में आठ से 10 की संख्या में ग्रामीण तैनात रहते हैं।

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    अजीमगंज पंचायत के मथुरा गांव की रेखा को नक्सलियों से खतरा है। दिसंबर, 2021 में शपथ लेने से सात दिन पहले नक्सलियों ने उसके पति चयनित मुखिया परमानंद टुड्डू की घर से खींचकर हत्या कर दी थी। अब यहां 25 मई को उपचुनाव होना है।

    इस बार उपचुनाव में रेखा चुनाव मैदान में खड़ी हैं। रेखा देवी को समाज के लोगों ने ही खड़ा किया है। इनके विरोध में एकमात्र प्रत्याशी योगेंद्र कोड़ा है। योगेंद्र कोड़ा हत्यारोपी है और जमानत पर जेल से चुनाव लड़ रहा है।

    प्रत्याशी की हत्या के बाद ग्रामीणों ने लिया फैसला

    रेखा बताती हैं कि पति के अधूरे सपनों को पूरा कर वे गांव में विकास को परवान पर पहुंचाने के लिए तैयार हैं। पांच दिन दिन पूर्व इस पंचायत से मुखिया प्रत्याशी पद पर खड़े पूर्व मुखिया सह सरपंच जालेश्वर कोड़ा की हत्या जहर देकर कर दी गई थी। इसके बाद से उप चुनाव का दिलचस्प हो गया। अभी रेखा देवी सहित दो उम्मीदवार मैदान में है।

    ग्रामीणों को डर है कि उनकी उम्मीदवार रेखा देवी के साथ भी कोई अनहोनी न हो, यह देखते हुए ग्रामीणाों ने खुद अपने प्रत्याशी की सुरक्षा करने की ठानी है और वे सुरक्षा मैदान में डटे हैं।

    बता दें कि 2021 में अजीमगंज पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए परमानंद ने जब नामांकन किया था, तो नक्सलियों ने उनके घर में पर्चा फेंक कर चुनाव नहीं लड़ने और परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसके बावजूद, ग्रामीणों की मांग पर परमानंद चुनाव में खड़े हुए और 99 मतों से जीत हासिल की।

    मुखिया प्रत्याशी बोलीं-पति के अधूरे सपने को करना है पूरा

    परमानंद की पत्नी रेखा देवी बताती हैं कि उनके पति ने नक्सलियों की धमकी से हार नहीं मानी थी। वे भी नक्सलियों की धमकी से नहीं डरतीं। इस पंचायत को नक्सलियों के भय से मुक्त कराने के लिए ही वे चुनाव मैदान में उतरी हैं। मुखिया बनकर पति के अधूरे सपनों को पूरा कराना है।

    सुरक्षा के लिए एसपी से भी करेंगे आवेदन

    इधर, अभी तक रेखा देवी को नक्सलियों की ओर से कोई धमकी नहीं मिली है। इसके बाद भी ग्रामीण व समाज के लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। दिवंगत मुखिया के भाई ने बताया कि वह सुरक्षा के लिए एसपी से मिलकर आवेदन भी देंगे।