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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Munger News: इस वजह से अब मुंगेर में पनाह लेने लगे हैं नक्सली, IED बम मिलने के बाद जिले में और एक्टिव हुई पुलिस

Published: Wed, 04 Jun 2025 09:14 AM (IST)

मुंगेर पुलिस एसटीएफ और सीआरपीएफ ने भीमबांध के जंगलों में नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए एक शक्तिशाली आइडी ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. एसटीएफ, सीआरपीएफ व मुंगेर पुलिस के सर्च ऑपरेशन में भीमबांध जंगल से बरामद बम
  2. 15 दिन पहले भारी मात्रा में कारतूस किया गया था बरामद

संवाद सहयोगी, मुंगेर। झारखंड और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर लगातार हो रही कार्रवाई के बाद नक्सली अब मुंगेर जिले में पनाह लेने लगे हैं।

नक्सलियों के आहट की सूचना पर मंगलवार को एसटीएफ सीआरपीएफ और जिले की पुलिस ने भीम बांध के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया।

इस दौरान टीम को भीमबांध के राजासराय-कंदनी के बीच कच्ची सड़क के नीचे से शक्तिशाली पाइप आइडी बम मिला। जिसे सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ता की टीम ने भीमबांध जंगल में ही डिफ्यूज कर दिया।

बताया जाता है कि एसटीएफ जमालपुर टीम को सूचना मिली थी कि राजासराय -कंदनी मुख्य मार्ग में बम है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम वहां पहुंची तो देखा राजासराय से डेढ़ किलोमीटर दूर और कंदनी के बीच सड़क के किनारे ब्लू रंग की बिजली का तार निकला हुआ है।

एसटीएफ की सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने एक टीम का गठन किया। इसमें एसटीएफ व सीआरपीएफ पेसरा के साथ ही खड़गपुर थाना को शामिल किया गया।

सीआरपीएफ की बम निरोधक दस्ता पहुंची और उक्त स्थल पर पूरी एहतियात के साथ खुदाई कर पाइप आइडी बम को बरामद किया।

मुख्यालय एएसपी सह अभियान पंकज कुमार के बताया कि बम को डिफ्यूज कर दिया गया। बम काफी शक्तिशाली था।

उन्होंने बताया कि जंगलों में सर्च अभियान लगातार चलेगा। बता दें कि, दो सप्ताह पहले ही हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र स्थित एक जर्जर मकान से भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद किया गया था।

2005 में गई थी एसपी की जान 

पहले 2005 में भीमबांध जंगल में इसी तरह के बम से पांच पुलिसकर्मी बलिदान हुए थे। इनमें तत्कालीन एसपी केसी सूरेंद्र बाबू भी शामिल थे। इस घटना के बाद भीमबांध में पुलिस कैंप स्थापित किया गया।

हाल ही में पैसरा गांव से नक्सली कैला कोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। माना जा रहा है कि इसी गिरफ्तारी से नाराज होकर नक्सलियों ने यह बम लगाया था।

जांच में जुटी पुलिस 

एसपी सैयद इमरान मसूद ने घटना की पुष्टि की है। मुंगेर रेंज के डीआइजी का कहना है कि जिले से नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन इस घटना से स्पष्ट है कि नक्सली अभी भी सक्रिय हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।