Munger Scam: एक अरब की ठगी में और खुलेंगे राज, अब 'लाल घर' हुआ शातिर 'नटवरलाल' का नया ठिकाना
मुंगेर सहित कई जिलों में 5 हजार लोगों को ठगी का शिकार बनाकर 1 अरब रुपये ठगने वाले शातिर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। जितेंद्र के सरेंडर के बाद पुलिस उसे कस्टडी में लेने की तैयारी में जुट गई है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित भी लगातार बैठक कर आगे की रुपरेखा तय कर रहे हैं जिससे की ठगे हुए पैसों की वसूली की जा सके।

रजनीश, मुंगेर। मुंगेर सहित कई जिलों के लगभग पांच हजार लोगों से एक अरब से ज्यादा की ठगी करने वाले जालीवुड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीएमडी जितेंद्र कुमार ने सरेंडर कर दिया। ठगी के पैसे से बंगले में रहने और लग्जरी कार से घूमने वाले जितेंद्र का नया ठिकाना मंडल कारा (लाल घर) बन गया है। ठगी के पैसे से रेस्तरां और बड़े होटलों में तरह-तरह के पकवानों का जायका लेने वाले जितेंद्र को अब रोटी-दाल-सब्जी से अपनी भूख मिटानी पड़ रही है। उप कारा के सामान्य वार्ड में कैदियों के साथ जितेंद्र की दिन-रात कट रही है।
एसी में रहने वाला जितेंद्र कभी सपने में नहीं सोंचा था कि उसे फर्श पर सोना पड़ेगा। बुधवार की शाम नाटकीय ढंग से मुंगेर कोर्ट में सरेंडर करने वाले कथित सीएमडी को मंडल कारा में रखा गया है। वहीं अब पुलिस जितेंद्र को रिमांड पर लेगी, इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है।
1 अरब की ठगी मामले में कब क्या हुआ?
- जितेंद्र 17 नवंबर की शाम कार्यालय, फ्लैट और घर में ताला लगाकर फरार हो गया था।
- 18 नवंबर की सुबह कंपनी में पैसे लगाने वाले लोगों को इसकी जानकारी हुई
- इसके बाद पीड़ितों ने 18 नवंबर को ही केस दर्ज कराया।
- केस दर्ज होने के बाद पुलिस एक्टिव हुई और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू की।
- 12 दिनों तक जितेंद्र ने खुद को नजरबंद रखा
- 27 नवंबर को जितेंद्र ने पुलिस की दबिश में आकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
- जितेंद्र के एक साथी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
1.31 लाख से लेकर एक करोड़ तक ठगे
ठगी के शिकार हुए मुंगेर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के वारकपुर निवासी मु. तालीब, रवि कुमार रंज, अमन कुमार ,अजीत कुमार, सानू, पिंटू ,मोहम्मद तालिब ,सुमित कुमार,प्रियांशु कुमार, गायत्री देवी, अरविंद कुमार साह, रवि गुप्ता,दयानंद, सीता देवी सहित 82 पीड़ितों ने थाना पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी।
पीड़ितों ने चेयरमैन जितेंद्र कुमार, निदेशक संतोष कुमार, सहायक निदेशक संजीव कुमार, ड्राइवर निरंजन कुमार, गार्ड जयधम तांती, सॉफ्टवेयर इंजीनियर धीरज कुमार, राजा कुमार सहित अन्य को नामजद को आरोपित बनाया था। स्थानीय होने के कारण लोगों ने जितेंद्र पर विश्वास कर लिया और देखते ही देखते चार वर्षों में मुंगेर के अलावा कई जिलों के लोग जुड़ने लगे। किसी ने लालच में आकर 1.31 लाख लगाए तो किसी ने 50 लाख से एक करोड़ तक जमा किए।
भागने से पहले दूसरे नाम से बनाया था फर्म
18 नवंबर से तीन-चार दिन पहले ही सीएमडी ने कार्यालय में तैनात सॉफ्टवेयर इंजीनियर नयागांव निवासी धीरज कुमार से एक अलग फर्म बनवाया था। इसके बाद दो निजी बैंकों में जालीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से खोले गए खाते को बंद कर दिया और इसमें जमा राशि नए फर्म के नाम पर खुले बैंक में शिफ्ट कर दिया गया।
पुलिस जांच में जितेंद्र की कंपनी से जुड़ीं कई कड़ियां परत-दर परत खुलीं। पुलिस ने उसके कुछ अकाउंट को फ्रीज भी कर दिया था। साथ ही फ्लैट और कार्यालय को सील कर दिया था।
सीएमडी के इस गोरखधंधे में परिवार के साथ रिश्तेदार भी हिस्सेदार थे। यह बात सीएमडी के फरार होने के बाद सामने आई थी। जिस तेजी के साथ जितेंद्र ने लोगों को ठगने का खेल शुरू किया, उसी तेजी के साथ खेल खत्म भी हो गया। आज घर-परिवार, समाज के लोग उसकी करतूत की चर्चा कर रहे हैं। ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि कंपनी के कुछ लोग सीधे तौर पर मिले हुए हैं, जो पल-पल सीएमडी को रिपोर्ट कर रहे थे।
SP को ज्ञापन देने पहुंचे पीड़ित
ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की बैठक दौलतपुर में हुई। बैठक में मुख्य चार बिंदुओं पर चर्चा करते हुए यह निर्णय लिया गया कि कंपनी में जमा राशि की रिकवरी कैसे होगी। सीएमडी के साथ कौन-कौन से लोग शामिल है। कौन से लोग संरक्षण दे रहे हैं। सीएमडी व उसकी पत्नी का सीडीआर जांच करते हुए इनका संरक्षण देने वाले सहयोगियों व सफेदपोश का चेहरा उजागर करने के लिए एसपी को आवदेन देने पीड़ित कार्यालय पहुंचे। जिन लोगों ने जितेंद्र का सहयोग किया पीड़ित उन लोगों पर भी न्यायालय में केस करने की तैयारी में हैं।
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