विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुंगेर सदर अस्पताल में इंसानियत शर्मसार! मृत भ्रूण लेकर पहुंची प्रसूता को लौटाया, बाहर दलालों ने घेरा

Published: Tue, 06 Oct 2026 08:20 AM (IST)

मुंगेर सदर अस्पताल में एक गर्भवती महिला को मृत भ्रूण के साथ भर्ती करने से कथित तौर पर मना कर ...और पढ़ें

मृत भ्रूण लेकर सदर अस्पताल पहुंची प्रसूता के साथ उसके माता-पिता। सौ. स्वयं

मृत भ्रूण लेकर सदर अस्पताल पहुंची प्रसूता के साथ उसके माता-पिता। सौ. स्वयं

HighLights

  1. मुंगेर सदर अस्पताल में मृत भ्रूण वाली प्रसूता को लौटाया गया।

  2. अस्पताल के बाहर दलालों ने परिजनों को निजी क्लिनिक ले जाने का प्रयास किया।

  3. पत्रकारों के हस्तक्षेप से प्रसूता को भर्ती कराया गया, जांच के आदेश।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। मुंगेर के सदर अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है।

सात माह के मृत भ्रूण के साथ बेहद गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंची एक प्रसूता को प्रसव केंद्र में तैनात स्टाफ नर्स द्वारा कथित तौर पर यह कहकर वापस लौटा दिया गया कि मरीज को रात में लेकर आएं। हद तो तब हो गई जब अस्पताल के मुख्य द्वार से बाहर निकलते ही परिसर में सक्रिय दलालों के गिरोह ने बेबस परिजनों को अपने चंगुल में फंसा लिया।

  • मुंगेर जिले के चंडिकास्थान निवासी लख्मी देवी 7 माह के मृत भ्रूण के साथ गंभीर स्थिति में पहुंची थीं सदर अस्पताल

  • परिजनों का गंभीर आरोप: प्रसव केंद्र की स्टाफ नर्स ने 'रात में लाने' का बहाना बनाकर दिन में भर्ती करने से किया इनकार

  • अस्पताल से बाहर निकलते ही सक्रिय हुई महिला दलाल, जान का खतरा बताकर प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए डराया

  • पत्रकारों और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद प्रसूता को कराया गया भर्ती; सिविल सर्जन ने जांच के दिए आदेश

चंडिकास्थान निवासी रूबी देवी अपनी गर्भवती पुत्री लख्मी देवी को लेकर प्रसव केंद्र पहुंची थीं। पीड़िता की मां के अनुसार, नर्स द्वारा लौटाए जाने के बाद वे बदहवास स्थिति में बाहर निकलीं, तभी एक महिला दलाल ने उन्हें घेर लिया और मृत भ्रूण के कारण जान का खतरा बताकर डराना शुरू कर दिया।

निजी क्लिनिक ले जाने की तैयारी में थी दलाल, मीडिया के हस्तक्षेप से बची जान

महिला दलाल परिजनों को डरा-धमकाकर इलाज के नाम पर एक निजी अस्पताल ले जाने की पूरी तैयारी कर चुकी थी। इसी दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद स्थानीय पत्रकारों की नजर रोते-बिलखते स्वजनों और संदेहास्पद महिला पर पड़ी।

पूछताछ करने पर जब पूरे मामले की सच्चाई सामने आई, तो पत्रकारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। लोगों के कड़े रुख को देखते हुए अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और आनन-फानन में प्रसूता को दोबारा प्रसव केंद्र में भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया गया। इस घटना ने अस्पताल परिसर में दलालों के मजबूत सिंडिकेट की पोल खोलकर रख दी है।

स्टाफ नर्स ने खारिज किए आरोप, सिविल सर्जन बोले—जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई

प्रसूता को भर्ती न करने के आरोपों पर प्रसव केंद्र की स्टाफ नर्स ने सफाई देते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। हालांकि, सदर अस्पताल के परिसर में इस तरह दलालों की बेखौफ मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर के सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है; यदि स्टाफ नर्स की लापरवाही या दलालों की संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- मुंगेर सदर अस्पताल में इलाज की बदहाली, टूटी हड्डी पर प्लास्टर की जगह बांध दिया कार्टन

यह भी पढ़ें- खाली सिलेंडर, न दवा न डॉक्टर! मुंगेर सदर अस्पताल में रात का खौफनाक सच; 1 डॉक्टर पर 7 वार्ड, ICU से PICU तक बेबसी

यह भी पढ़ें- मुंगेर सदर अस्पताल में महिला डॉक्टर पर पति ने किया हमला, जूते से पीटा और आंख में डाला स्प्रे