मुंगेर सदर अस्पताल में इलाज की बदहाली, टूटी हड्डी पर प्लास्टर की जगह बांध दिया कार्टन
मुंगेर सदर अस्पताल में टूटी हड्डियों के इलाज में प्लास्टर की जगह कार्टन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ...और पढ़ें

मुंगेर सदर अस्पताल में इलाज की बदहाली
HighLights
सदर अस्पताल में टूटी हड्डी पर प्लास्टर की जगह कार्टन।
दो मरीजों को कार्टन बांधकर हायर सेंटर रेफर किया गया।
अस्पताल उपाधीक्षक ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल बनाने के दावे के बीच इलाज की बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहां टूटी हड्डी के इलाज में प्लास्टर की जगह कार्टन का सहारा लिया जा रहा है। मरीज के पैर पर पहले गत्ता बांधा गया और उसके ऊपर पट्टी कर दी गई। इसके बाद मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इस व्यवस्था ने अस्पताल के कायाकल्प और बेहतर चिकित्सा सुविधा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला पुरुष वार्ड में भर्ती बेगूसराय जिले के बलिया डंडारी निवासी इंदल सदा का है। इंदल ने बताया कि वह मेदनी चौकी स्थित ससुराल में रहकर सब्जी बेचता है। इसी दौरान सड़क हादसे में उसके बाएं पैर की हड्डी टूट गई। इलाज की उम्मीद लेकर सदर अस्पताल पहुंचा, लेकिन यहां टूटे पैर पर प्लास्टर चढ़ाने के बजाय कार्टन बांधकर उसके ऊपर पट्टी कर दी गई।
इसी तरह गुरुवार देर शाम आटो पलटने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में बलिया निवासी मु. असलम के दाएं पैर की हड्डी टूट गई। आरोप है कि उसके पैर में भी कार्टन बांधकर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
प्लास्टर है तो कार्टन क्यों
मरीजों के इलाज में कार्टन के इस्तेमाल ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या अस्पताल में प्लास्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं है? यदि है तो मरीजों को इसका लाभ क्यों नहीं मिल रहा? हादसे में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार तक की ऐसी व्यवस्था मिलना अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रमन ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और बैंडेज की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद यदि मरीजों को कार्टन बांधकर इलाज किया गया है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
