इरिमी जमालपुर में जुटा देशभर के रेल दिग्गजों का जमावड़ा; वंदे भारत ट्रेनसेट व आधुनिक रेल तकनीक पर महामंथन शुरू
IRIMEE Jamalpur Technical Seminar: इरिमी, जमालपुर में भारतीय रेल की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय राष्ट्रीय तकनीकी ...और पढ़ें
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IRIMEE Jamalpur Technical Seminar: इरिमी, जमालपुर में आयोजित दो दिवसीय तकनीकी संगोष्ठी
HighLights
इरिमी जमालपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी का आयोजन।
वंदे भारत ट्रेनसेट और तीव्र गति रेल प्रणालियों पर गहन चर्चा।
डेटा प्रबंधन, रोबोटिक्स और एआई पर विशेषज्ञों का मंथन।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। IRIMEE Jamalpur Technical Seminar: भारतीय रेल की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मानकों पर स्थापित करने, परिचालन में आधुनिक नवाचारों को समाहित करने और भविष्य के रेल तंत्र को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ऐतिहासिक रेल नगरी जमालपुर स्थित 'भारतीय रेल यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान' (इरिमी) में शुक्रवार को दो दिवसीय उच्चस्तरीय राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ।
30 और 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर के विभिन्न रेल जोनों, मंडलों, उत्पादन इकाइयों (Production Units) और आरडीएसओ से जुटे शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं वरिष्ठ नीति-निर्माताओं ने शिरकत की। संगोष्ठी का मूल केंद्र वंदे भारत ट्रेनसेट की अत्याधुनिक तकनीक, तीव्र गति रेल प्रणालियां, डेटा प्रबंधन और रोबोटिक्स व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रभावी उपयोग रहा।
पौधा भेंट और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ गरिमामय शुभारंभ
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत अतिथियों को हरित संदेश के साथ पौधा भेंट करने और पारंपरिक वैदिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। सत्र के आरंभ में इरिमी के संकायाध्यक्ष (Dean) एवं वरिष्ठ आचार्य प्रेम प्रकाश ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत करते हुए संगोष्ठी की रूपरेखा और इसके तकनीकी सत्रों के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इरिमी हमेशा से भारतीय रेल के तकनीकी ज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है और यह संगोष्ठी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
ट्रेनसेट तकनीक से बदल रहा भारतीय रेल का चेहरा: महानिदेशक
संस्थान के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि भारतीय रेल वर्तमान में सबसे बड़े तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। उन्होंने वंदे भारत जैसी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनसेट तकनीक, उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम, आधुनिक कपलिंग, ऊर्जा दक्ष ट्रैक्शन और संरक्षा तंत्र के विविध तकनीकी आयामों पर बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक लोको-हॉल्ड ट्रेनों की तुलना में ट्रेनसेट तकनीक यात्रियों को गति, सुरक्षा और विश्वस्तरीय आराम देने में अत्यधिक प्रभावी साबित हो रही है।
डेटा प्रबंधन और नवाचार भारतीय रेल की रीढ़: महाप्रबंधक
सत्र को संबोधित करते हुए दक्षिण पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि आज का युग डेटा आधारित प्रबंधन और ऑटोमेशन का है। रेलवे में पूर्वानुमानित रखरखाव (Predictive Maintenance), सुरक्षा निगरानी और आधुनिक सेंसर नेटवर्क के संचालन के लिए डेटा प्रबंधन और तकनीकी दक्षता ही प्रगति का आधार हैं।
वहीं, दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक यू. सुब्बाराव ने वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत तकनीक ने साबित कर दिया है कि भारतीय इंजीनियर विश्वस्तरीय मानकों पर खरा उतरने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के ज्ञान-सत्र अधिकारियों और नई पीढ़ी के इंजीनियरों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
पूर्व रेल दिग्गजों का हुआ सम्मान, भविष्य के रोडमैप पर मंथन
तकनीकी सत्रों के पश्चात वरिष्ठ प्रोफेसर (डब्ल्यूएमटी) ने सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया। इसके बाद संस्थान की ओर से विशिष्ट अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। संगोष्ठी के जरिए इरिमी, जमालपुर ने एक बार फिर भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और आगामी तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए एक ठोस बौद्धिक और प्रायोगिक मंच प्रदान किया है।
इस गरिमामय संगोष्ठी में आर. एस. विर्दी, शक्ति घोषाल, आर. के. उपाध्याय, के. के. अटल, एस. के. प्रसाद, के. नारायण, डी. साई बाबा, पूर्व रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अरुण अरोड़ा, पूर्व प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर मनश कुमार पोद्दार, रामनाथ रंगास्वामी, रतिराज वर्मा और डी. एस. कुमार सहित दर्जनों सेवानिवृत्त व सेवारत वरिष्ठ रेल अधिकारी उपस्थित रहे।
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