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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: पिता शकुनी चौधरी की तूती बोलती है यहां, तारापुर से सम्राट चौधरी आज करेंगे नामांकन, जुटेंगे देशभर के दिग्गज

By Manoj Kumar Mishra Edited By: Alok Shahi
Published: Thu, 16 Oct 2025 01:14 AM (IST)

Bihar Politics: तारापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को मुंगेर के तारापुर पहुंचे। ...और पढ़ें

Bihar Politics: तारापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को नामांकन का पर्चा दाखिल करेंगे।

Bihar Politics: तारापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को नामांकन का पर्चा दाखिल करेंगे।

HighLights

  1. सम्राट चौधरी गुरुवार को नामांकन पर्चा भरेंगे, जनसभा में पहुंचेंगे कई दिग्गज


  2. सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी तारापुर से छह बार बने विधायक

  3. तारापुर से एक बार विधायक बनीं सम्राट चौधरी की मां, 14 साल तक जदयू ने चलाया तीर

संवाद सहयोगी, तारापुर (मुंगेर)। Bihar Politics बिहार के उप मुख्यमंत्री सह तारापुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी सम्राट चौधरी बुधवार को तारापुर पहुंचे। एनडीए कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम का संबोधन सुना। कार्यक्रम बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को कहा कि पार्टी ने उन्हें तारापुर भेजा है। आप सबों का आशीर्वाद मांगने आए हैं। अब 30 वर्ष बाद यहां कमल खिलाना है। वर्ष 1995 में भाजपा ने अंतिम बार तारापुर सीट से चुनाव लड़ा था। सम्राट ने कहा कि वे लंबे समय से बिहार कि राजनीति में सक्रिय हैं और तारापुर के विकास की चिंता पहले भी करते थे, आज भी करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। यह उनका जन्मस्थान है, पार्टी ने उन्हें यहां से चुनाव लड़ने का अवसर दिया है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि पांच चुनाव लड़ चुका हूं, लेकिन यह चुनाव मेरे लिए विशेष है। तारापुर की जनता से आशीर्वाद लेने आया हूं। कहा कि बिहार ने पिछले 20 वर्षों में विकास की नई कहानी लिखी है। गांव-गांव में सड़कें बनी , 24 घंटे बिजली मिल रही है, पलायन रुका है और लोग गांव में ही रोजगार कर रहे हैं। यही बदला हुआ बिहार है। आज बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि कभी यह मात्र छ्ह हजार करोड़ था। राज्य का जीडीपी अब 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बताते चलें कि सम्राट चौधरी तारापुर सीट से गुरुवार को नामांकन करेंगे। नामांकन के दौरान छत्तीसगढ़ के सीएम, दिल्ली की सीएम, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, गिरिराज सिंह, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद गाजीपुर मैदान में जनसभा होगी।

तारापुर से सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी छह और मां एक बार बनी विधायक 

तारापुर विधानसभा सीट पर 2010 से जदयू लगातार चुनाव जीतती रही है। इस सीट पर 15 साल से राजद का खाता नहीं खुला है। वर्ष 2021 में हुए उप चुनाव में यहां जदयू ने जीत हासिल की थी। 2025 के चुनाव मे (एनडीए) भाजपा के खाते में यह सीट आई है। भाजपा ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर कुशवाहा समुदाय के मतदाताओं की भूमिका निर्णायक मानी जाती है। इस विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश आबादी ग्रामीण है। यहां के लोगों का जीवन यापन खेती किसानी पर निर्भर है। औद्योगिक क्षेत्र न होने के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार की समस्या है। 14 वर्षों तक यहां से लगातार जदयू का तीर चला है। इस बार एनडीए से भाजपा प्रत्याशी की जीत होती है तो यहां पहली बार कमल खिलेगा।

तारापुर विधानसभा क्षेत्र का ये है मौजूदा समीकरण

तारापुर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 3.10 लाख मतदाता हैं। इस सीट पर कुशवाहा (कोइरी) समुदाय का दबदबा माना जाता है। यहां अनुसूचित जाति के 15.1 और 6.8 फीसद मुस्लिम मतदाता हैं। वैश्य समाज के वोटरों की संख्या लगभग 40 हजार है। तारापुर में शकुनी चौधरी का सियासी दबदबा जगजाहिर है। वह खुद यहां से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी पत्नी ने भी एक बार जीत हासिल की। 2015 के विधानसभा चुनाव में हार के ठीक चार साल बाद 2019 में शकुनी चौधरी ने सियासत से संन्यास ले लिया। उनके बेटे सम्राट चौधरी बिहार के डिप्टी सीएम और भाजपा के बड़े नेता हैं।

बिहार चुनाव 2020 में 25 प्रत्याशी मैदान में

वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कुल 25 प्रत्याशी मैदान में थे। आरजेडी ने राजद के कद्दावर नेता जयप्रकाश नारायण यादव की पुत्री दिव्या प्रकाश को टिकट दिया था। जेडीयू ने मेवालाल चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया। मेवालाल को कुल 64,468 वोट मिले। वहीं दिव्या प्रकाश को 57,243 मत मिले। जेडीयू प्रत्याशी ने 7,225 मतों के अंतर से चुनाव जीता। एलजेपी प्रत्याशी मीना देवी को 11,264 वोट मिले थे। 2021 में विधायक मेवालाल का अचानक निधन हो गया। इसके बाद तारापुर के उप चुनाव में जदयू ने राजीव कुमार सिंह को मैदान में उतारा था, जबकि आरजेडी ने अरुण कुमार साह को उम्मीदवार बनाया था। राजीव को कुल 79,090 मत मिले थे। अरुण साह के खाते में 75,238 वोट आए थे। इस बार के चुनाव में कुशवाहा समाज के कद्दावर भाजपा नेता सह उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एनडीए खुद मैदान में हैं। जबकि महागठबंधन सीट शेयरिंग में उलझकर अपना उम्मीदवार तय नहीं कर पाया है। इस बार इस विधानसभा से महागठबंधन का कौन उम्मीदवार होगा इसपर भी यहां के मतदाता नजर गड़ाए हुए हैं।

तारापुर विधानसभा सीट का इतिहास निराला

तारापुर सीट से कांग्रेस कुल पांच बार जीती है। आरजेडी को शकुनी चौधरी तीन बार जीता चुके हैं। समता पार्टी दो बार, जेडीयू ने चार बार जीत का परचम लहराया। सीपीआई, जनता पार्टी, शोषित पार्टी और संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी को एक-एक बार जीत मिली। तारापुर विधानसभा सीट पर शकुनी चौधरी का दबदबा रहा है। वह यहां से छह बार विधायक बने। बासुकीनाथ राय और तारिणी प्रसाद सिंह ने दो-दो बार जीत हासिल की। मेवालाल चौधरी दो बार और उनकी पत्नी नीता चौधरी एक बार विधायक बनीं। जय मंगल सिंह, विजय नारायण प्रशांत, कौशल्या देवी और नारायण यादव ने भी एक एक बार जीत हासिल की थी। जबकि राजीव कुमार सिंह यहां से एक बार जीत हासिल किया हैं। 

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