जमालपुर (मुंगेर) । मेंस यूनियन ओपन लाइन शाखा व रेल कर्मियों का संघर्ष आखिरकार रंग लाया। जमालपुर डीजल शेड जमालपुर के विकास को लेकर पहला इलेक्ट्रिक इंजन का कार्यभार ट्रायल के रूप में मिल गया है। बड़ी गौरव की बात है। ट्रायल के रूप में मिले इलेक्ट्रिक इंजन का मरम्मत यहां के कर्मवीर रेलकर्मी घंटों का काम मिनटों में कर अपनी दक्षता को साबित कर ही देंगे। अब यूनियन कार्यभार बढ़ाने के लिए कम से कम 85 इलेक्ट्रिक इंजन का की मांग कर रहा है। डीजल शेड के अस्तित्व को बचाने को लेकर सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, तत्कालीन मंत्री शैलेश कुमार कई बार मेंस यूनियन की ओर से कार्रवाई को लेकर पत्राचार किया गया था। मेंस यूनियन ओपन लाइन शाखा केडी यादव ने बताया कि यूनियन नेताओं के संघर्ष की यह पहली जीत है। विशेषकर जिले के कद्दावर सांसद राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, मुंगेर विधायक प्रणव कुमार सहित रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा सहित तमाम शहर के संघर्षशील नेता कार्यकर्ता बुद्धिजीवियों छात्र नौजवानों का भी संघर्ष का नतीजा है। यूनियन ने डीजल शेड के विकास को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखने की बात कही। ----------------------------------- ललन सिंह ने उठाया था संसद में मामला मुंगेर के सांसद राजीव सिंह उर्फ ललन सिंह डीजल शेड को इलेक्ट्रिक शेड में तब्दील का मामला लोकसभा में उठाया था। सांसद की बात पर तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने डीजल शेड को इलेक्ट्रिक शेड में बदलने की हरी झंडी दी थी। सांसद ने बताया कि जमालपुर का विकास ही पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जमालपुर के गौरव को फिर से वापस लाने के लिए कवायद चल रही है। रेलमंत्री अश्विवनी वैष्णव से बात हुई है, उन्होंने जमालपुर आने की बात कही है। वे अपने समय अनुसार जमालपुर आएंगे। मुंगेर के लोग मेरे अपने हैं। विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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