यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Munger: सीमांचल के पूर्णिया, किशनंगज और अररिया में भी लोन के नाम पर की जानी थी ठगी, पुलिस ने फेर दिया पानी
Micro Finance Loan Fraud in Bihar फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर कई जिलों में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ...और पढ़ें

1 आरोपित पकड़ा गया, अभी 7 फरार

ठगी के मास्टरमाइंड प्रमोद शुक्ला का विजिटिंग कार्ड
पुलिस की गिरफ्त में आए दिनेश ने बताया कि पूर्णिया, किशनंगज और अररिया जिलों में भी माइक्रो फाइनेंस के नाम पर ठगी की जानी थी। इस फर्जी कंपनी में कुल 10 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से 4 ऑफिस में बैठते थे और बाकी सभी क्षेत्र में जाते थे। दिनेश ने पुलिस को बताया कि उसे आठ हजार रुपये मिलते थे। गिरोह में शामिल अन्य सभी काे 8 से 15 हजार के बीच हर माह पैसा मिलता था।
दिनेश ने पुलिस को बताया कि सबसे पहले मधेपुरा में जन लक्ष्मी माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का कार्यालय खोला गया था। 55 हजार रुपये ऋण दिलाने के नाम पर भोली-भाली महिलाओं और पुरुषों से 28 सौ से तीन हजार रुपये लिया जाता था।
मोबाइल फोन से पुलिस की राह हुई आसान
कोसी के कई जिलों से जुड़े तार
पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि ऋण का झांसा देकर ठगी करने वाले लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर लिया गया है। एक शातिर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे गिरोह को दबोचने में लगी हुई है, जल्द ही सब गिरफ्तार होंगे। फरार नामजद आरोपितों पर पुलिस नजर रख रही है।
