मधुबनी, जासं। सोना-चांदी की जगह कानों की शोभा बढ़ा रही मधुबनी पेंटिंग वाला झुमका। झुमका के साथ-साथ हेयर बैंड, अंगूठी, गले का हार, पायल, आभूषण बाक्स जैसी महिलाओं के उपयोग की वस्तुओं पर मधुबनी पेंटिंग की छटा बिखेरने लगे हैं। मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी, सलवार सूट, दुपट्टा सहित घरेलू उपयोग की वस्तुओं के अलावा अब छटा मधुबनी पेंटिंग वाले झुमका, हेयर बैंड, गले का हार महानगरों की महिलाएं काफी पसंद कर रही हैं। इन वस्तुओं की मांग देशभर में होने लगी है।

आत्मनिर्भर की ओर मधुबनी पेंटिंग कलाकार 

मिथिला पेंटिंग वाले झुमका, हेयर बैंड, अंगूठी, गले का हार, पायल, आभूषण बाक्स की डिमांड के अनुरूप जिले के रहिका प्रखंड की जितवारपुर गांव की मधुवन मिथिला कला जीविका महिला उत्पादक समूह की संगीता देवी, श्यामता देवी, इनू देवी, राजेश्वरी देवी, रीना देवी, राजकुमारी देवी, पूनम कुमारी, हेमा कर्ण, ललिता देवी, हिना देवी, नुनू देवी, चुनमुन देवी, नर्मदा देवी, मुंद्रीकला देवी, रीता देवी, सुधीरा देवी, सुदीना देवी, सोनी देवी सहित 35 महिलाएं एक साल से इन वस्तुओं का उत्पादन कर रहीं है। मधुबनी पेंटिंग के क्षेत्र में यह महिलाएं नई पहचान बनाते हुए आत्मनिर्भर की राह खोल ली है।

दिल्ली व लखनऊ से मंगाई जाती झुमका का मेटेरियल 

मधुबनी पेंटिंग वाले झुमका पर नजर पड़ते ही महिलाएं आकर्षित हो जाती हैं। 70 से 100 रुपये मूल्य वाले झुमका खूब पंसद किए जा रहे हैं। डिमांड बढ़ने के साथ इन वस्तुओं का उत्पादन भी बढ़ गया है। समूह की श्यामता देवी ने बताया कि दिल्ली, लखनऊ सहित देश के अन्य शहरों से मधुबनी पेटिंग वाले झुमका, पीस हेयर बैंड का आर्डर मिल रहा है। प्रदर्शनी के माध्यम से इन वस्तुओं का प्रचार-प्रसार व बिक्री बढ़ी है। झुमका मेटेरियल कटोरा, गजरा मोती, तार सहित अन्य वस्तुएं दिल्ली व लखनऊ से मंगाई जाती है। जिसको यहां की समूह की महिलाएं झुमका तैयार कर उस पर पेंटिंग बनाती है। मटेरियल के हिसाब से एक जोड़ी झुमका तैयार करने से लेकर पेंटिंग बाद 35 से 40 रुपये की लागत आता है। जिसकी बिक्री 70 से 100 रुपये मूल्य पर की जा रही है।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट