मधुबनी। बीते मंगलवार की रात ऐतिहासिक खिरहर धरोहर नाथ महादेव मंदिर परिसर में दो साधुओं की निर्मम तरीके से हत्या के बाद हत्या के वजहों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हत्या के बाद आरोपित फरार हो गया था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही थी। पुलिस अधीक्षक डॉ. सत्यप्रकाश घटनास्थल पर जाकर मामले की जांच भी किए। एसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बासोपट्टी ब्राह्मण टोल से बुधवार की शाम आरोपित दीपक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित दीपक ने हत्या की वजह का खुलासा किया। आरोपित ने खुद अकेले दोनों साधुओं की हत्या किए जाने की बात कबूल की। पुलिस के पूछताछ के दौरान आरोपित ने कहा हमने दानपेटी का पैसा बंटवारा के लिए कई बार बोला, लेकिन पुजारी हमें दानपेटी के पैसे देने से मना कर दिया। जिस पर हमें गुस्सा आया और हमने मंदिर में रखे कुदाल से ही दोनों की हत्या कर दी। आरोपित ने यह भी कहा कि दोनों साधु को काटने में हमें दो घंटे का समय लगा, तब जाकर दोनों साधु का सर धड़ से अलग हुआ। आरोपित ने पुलिस को यह भी बताया कि साधुओं को काटने के बाद दोनों शवों को अकेले घसीट कर करीब 100 मीटर दूर बगल के भूसा घर में रखकर छुपा दिया। इसके बाद एक मुंडी को मंदिर परिसर में ही गड्ढा खोदकर ढंक दिया। फिर बाल्टी लेकर चापाकल से पानी लाकर घटनास्थल पर लगे खून को साफ किया। कुदाल को साधू के साइकिल पर ही रखकर घर गया और घर में कुदाल एवं साइकिल रखकर बासोपट्टी जाकर एक मंदिर में छुप गया।

थानाध्यक्ष अंजेश कुमार ने बताया कि आरोपी ने अकेले ही दानपेटी के पैसे नहीं देने पर दोनों साधु की निर्मम तरीके से हत्या किया है। आरोपित के आपराधिक इतिहास खंगालने पर पता चला है कि पूर्व में भी आरोपित के चाचा ने वर्ष 2014 में तत्कालीन थानाध्यक्ष रामचंद्र मंडल पर फायरिग की घटना को अंजाम दिया था। गहन पूछताछ व तीसरा साधू नारायण मुखिया के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

Edited By: Jagran