मधुबनी। हरलाखी प्रखंड के विश्वामित्र आश्रम विशौल के महंत ब्रजमोहन दास ने थानाध्यक्ष हरलाखी को आवेदन देकर विश्वामित्र आश्रम के जान माल एवं सुरक्षा की गुहार लगाई है। महंत श्री दास ने थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में कहा है कि 19 अप्रैल की रात आश्रम के अपने कमरे में सोया था कि दक्षिण खिड़की के पास से किसी अज्ञात व्यक्ति की आवाज आयी कि बिजली काट दो मैंने अपनी कानों से आवाज सुनी व उसके बाद बिजली कट गई। खिड़की से बाहर की ओर देखा तो गांव एवं रोड की बिजली जल रही थी। तब मुझे कुछ शंका हुई और अपने कमरे से बाहर निकलकर आश्रम के अंदर से ही देखा तो लगभग चालीस-पचास फीट की दूरी पर आठ से दस अज्ञात लोग मुंह पर नकाब लगाए हाथ में हथियार लिए खड़ा है। मैं डर गया और दूसरे कमरे सो रहे शिष्य को जगाया। थाना एवं ग्रामीणों को फोन के माध्यम से सूचित किया। अपराधी आश्रम परिसर में लगभग दस मिनट तक दरवाजे एवं खिड़कियों से ताक झांक कर रहे थे। उसके बाद ग्रामीणों का शोर गुल सुनकर अपराधी पीछे के रास्ते से निकल गए, फिर पुलिस भी पहुंच गई। महंत ने आश्रम एवं आश्रम में रहने वाले अनाथ साधू संत की जान माल की सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में पूछे जाने पर हरलाखी के थानाध्यक्ष प्रेमलाल पासवान ने बताया कि आश्रम में दो चौकीदारों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। गुरुवार को आवेदन लेकर आए थे जिसको लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने साधू हत्याकांड पर उठाया सवाल हरलाखी। खिरहर थाना क्षेत्र में आपराधिक मामलों में बढ़ोतरी होती जा रही है। रामनवमी के दिन खिरहर गांव के धरोहर महादेव स्थान में दो साधुओं की बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई। हालांकि पुलिस ने घटना के संबंध में मुस्तैदी दिखाते हुए एक हत्यारे को पकड़ लिया। लेकिन सवाल यह उठता है कि घटना के समय मंदिर परिसर में तीन साधु उपस्थित थे। जिसमें दो बाहरी साधुओं की हत्या होती है और एक गांव का साधु बच जाता है। जिसके बयान पर केस दर्ज किया गया है। आखिर बाहरी साधुओं की ही हत्या क्यों हुई। कहीं इस हत्याकांड में अन्य लोगों का भी हाथ तो नहीं है। इस विषय पर बारीकी से जांच करने की जरूरत है। उक्त बातें मिथिला स्टूडेंट यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री राघवेंद्र रमण ने कही।

उन्होंने कहा कि जिस जगह पर साधुओं की हत्या हुई है उसी मंदिर से कुछ दूरी पर करीब एक माह पूर्व एक व्यक्ति को चाकू से गोदकर फेंक दिया गया था। जख्मी व्यक्ति को पुलिस ने ही इलाज के लिए मधुबनी भेजा था। जख्मी व्यक्ति का इलाज कराकर जान तो बचा लिया गया। परंतु उस व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने वाले व्यक्ति को आज तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। चाकूबाजी की घटना के दिन खिरहर गांव में ही एक घर में डकैती हो गई। डकैतों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का तार काट कर सामान लूट लिया। लेकिन पुलिस महीनों बीत जाने के बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी।

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