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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar: मधुबनी में कमला बलान लाल निशान के पार, मंडराया बाढ़ का खतरा; नवटोलिया गांव का सड़क संपर्क टूटा

By Shailendra Nath JhaEdited By: Jagran News Network
Published: Sat, 26 Aug 2023 06:21 PM (IST)

नेपाल के तराई क्षेत्र और मधुबनी में लगातार बारिश हो रही है। इस वजह से कई नदियां उफान पर है। ...और पढ़ें

कमला बलान खतरा निशान से दो मीटर ऊपर बह रही
कमला बलान खतरा निशान से दो मीटर ऊपर बह रही

संवाद सूत्र, झंझारपुर: नेपाल के तराई क्षेत्र और मधुबनी में लगातार बारिश हो रही है। इस वजह से कई नदियां उफान पर है। कमला बलान खतरा के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। इससे मधुबनी और इसके आस-पास के इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल संख्या 1 के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि पानी घट रहा है। खतरे के निशान से ऊपर बहने के बावजूद कुछ स्थानों को छोड़ कमला बलान नदी का पानी बांध से अभी भी काफी दूर है।

उन्होंने कहा कि जहां से नदी बांध के पास बहती है वहां पर विभागीय अधिकारी अलर्ट हैं। लगातार विभागीय अभियंता बांध की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

नवटोलिया गांव का संपर्क टूटा 

जानकारी के मुताबिक, कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ने से बलनी मेंहथ पंचायत के नवटोलिया गांव की हालत सबसे खराब है। यह गांव नदी के दोनों तटबंध के बीच बसा है। यह गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। नवटोलिया कट से गांव जाने का रास्ता भी टूट चुका है।

नदी का पानी तेजी से इस गांव के मुख्य पथ पर बह रहा है। इससे करीब पचास से सत्तर फीट सड़क बह गया है। सड़क संपर्क प्रखंड मुख्यालय से इस गांव का कट चुका है।

लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जरूरत के सामान खरीदने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर अवरूद्ध रास्ते से ही पानी में घुसकर सड़क तक पहुंचते हैं। यह स्थिति इस गांव के लोगों को हर साल देखनी पड़ती है जब-जब कमला बलान रौद्र रूप अपनाती है।

बारिश से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त

 

लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। झंझारपुर रेलवे स्टेशन बाजार के पास स्थिति बहुत खराब है। यह क्षेत्र नगर परिषद का है। यहां पंचायत के समय से ही लगाया गया दो पंप बिजली रहने पर पानी का निकास कर रहा है। 

बाजार आने जाने वाले लोग रेलवे का नाला होकर किसी तरह बाजार आते जाते हैं। इस विषम परिस्थिति में भी किसी जनप्रतिनिधि के द्वारा यहां के निवासियों की सुधि लेने की कोई जानकारी नहीं है।