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    सुगर्वे नदी उड़ाही में 6.89 करोड़ रुपये की गड़बड़ी, निगरानी विभाग ने इन लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस

    Sugarve River सुगर्वे नदी की उड़ाही में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। 6.89 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। निगरानी विभाग की जांच के बाद जो रिपोर्ट निगरानी विभाग को सौंपी गई उसमें बताया गया कि नदी उड़ाही के लिए स्वीकृत राशि की बंदरबांट हुई है जिससे सरकार के राजस्व को क्षति भी पहुंची है।

    By Jagran NewsEdited By: Aysha SheikhUpdated: Thu, 13 Jul 2023 07:59 AM (IST)
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    सुगर्वे नदी उड़ाही में 6.89 करोड़ रुपये की गड़बड़ी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    पटना, राज्य ब्यूरो। मधुबनी जिले के झंझारपुर में सुगर्वे नदी की उड़ाही में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जिसके बाद निगरानी ब्यूरो ने 6.89 करोड़ रुपये की इस वित्तीय अनियमितता के मामले में चार तत्कालीन इंजीनियरों और संवेदक गोलू आटोमोबाइल एंड कंस्ट्रक्शन प्रालि लोहिसानगर बेगूसराय के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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    निगरानी विभाग के आदेश पर की गई जांच

    निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, मधुबनी के झंझारपुर की भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति के अध्यक्ष दिनेश महतो ने सुगर्वे नदी की उड़ाही में करोड़ों की वित्तीय अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई थी। उक्त शिकायत की जांच निगरानी विभाग के आदेश पर की गई।

    उड़ाही का काम किसे सौंपा गया?

    जांच में पाया गया कि योजना संख्या 162/34/2020 में मुख्य अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, जल संसाधन विभाग, समस्तीपुर ने 6.89 करोड़ रुपये का प्राक्कलन स्वीकृत किया। इस राशि से नदी की उड़ाही का काम होना था। यह कार्य गोलू आटोमोबाइल एंड कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. लोहिसानगर बेगूसराय को सौंपा गया।

    इन लोगों के खिलाफ केस दर्ज

    जांच के बाद जो रिपोर्ट निगरानी विभाग को सौंपी गई उसमें बताया गया कि नदी उड़ाही के लिए स्वीकृत राशि की बंदरबांट हुई है, जिससे सरकार के राजस्व को क्षति भी पहुंची है। नदी की उड़ाही में वित्तीय अनियमितता के इस मामले की पुष्टि के बाद निगरानी विभाग ने आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। अब तक दो तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, एक सहायक अभियंता, एक कनीय अभियंता और संवेदक गोल आटोमोबाइल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।