विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Madhubani news : मौसम बदला तो बीमारी बढ़ी, सर्दी, खांसी, बुखार की चपेट में आ रहे लोग, सावधानियां जरूरी

By Braj Mohan Mishra Edited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 16 Nov 2025 09:17 PM (IST)

मौसम बदलने के साथ ठंड बढ़ने से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार के ...और पढ़ें

रविवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में इलाज पहुंचे मरीजों की भीड़। जागरण

रविवार को सदर अस्पताल के इमरजेंसी में इलाज पहुंचे मरीजों की भीड़। जागरण

HighLights

  1. ठंड बढ़ने से मरीजों की संख्या में वृद्धि

  2. सर्दी, खांसी, बुखार के मरीज अधिक

  3. सावधानी बरतने की सलाह

संवाद सहयोगी, मधुबनी। मौसम में बदलाव के साथ ही ठंड भी बढ़ने लगी है। सुबह व रात के समय ठंडक का अहसास होने लगा है। जिससे उम्रदराज और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे लगी है। सदर अस्पताल में इन दिनों बड़ी संख्या में गंभीर स्थिति में मरीज पहुंच रहे हैं।

सदर अस्पताल में प्रीतिदिन ओपीडी में करीब 300 से 400 की संख्या में तो इमरजेंसी में 24 घंटे में 100 से अधिक की संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। रविवार को भी सुबह से शाम तक में 50 से अधिक की संख्या में मरीज पहुंचे। जिसमें अधिकांश मरीज सीजनल बीमारी बढ़ते ठंड से ग्रसित पहुंच रहे हैं। जिससे बचने को लेकर सतर्कता जरूरी है।

इस संबंध डाक्टर ने बताया कि ठंड बढ़ने के दौरान सर्दी, खांसी, बुखार, स्ट्रोक, कोमा, निमोनिया, हार्ट अटैक, हाइपोनेट्रिमिया, हाइपरटेंशन और सीओपीडी जैसी बीमारियों के मरीज की काफी संख्या बढ़ रही है। इससे बचाव को लेकर सतर्कता बहुत ही जरूरी है। इसके साथ ही ठंड में चर्म रोग, आंख, एलर्जी, डायबिटीज, बीपी के मरीज को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

खासतौर बच्चे सहित 50 साल से अधिक उम्र के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे है। डाक्टर ने कहा कि अधिक उम्र के लोगों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित मरीजों को ठंड के मौसम में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। उन्होंने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, पौष्टिक आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है। क्योंकि बदलते मौसम के कारण सरकारी अस्पताल सहित निजी क्लिनिक में इलाज के लिए मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।

बचाव का अपनाएं उपाय, प्रतिदिन करें व्यायाम 

ठंड के मौसम में सर्दी होना आम बात है। लेकिन, इससे बचने का उपाय नहीं किया गया तो यह खांसी, जुकाम और गले में खरास का कारण बन सकती है। इनसे बचने के लिए ठंडी चीजों को खाने-पीने से परहेज करें और शरीर को साफ व ठीक तरीके से ढककर रखें।

गले की खरास में नमक के गरारे करना अच्छा विकल्प है। ठंड के कारण सिर में दर्द होना सामान्य बात है, लेकिन इससे बचने के लिए आपको सुबह में ठंडी हवाओं से बचने की जरूरत होगी। रोजाना व्यायाम जरूर करने की जरुरत है। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी और शरीर में गर्मी बनी रहेगी।

सावधानियां जरूरी 

नवजात शिशु को अधिक से अधिक स्तनपान कराएं बच्चों को पानी उबालकर या फिल्टर कर पिलाना चाहिए। छोटे बच्चों के गीले कपड़े समय-समय पर बदलते रहें। बच्चे एवं बुजुर्गों को ठंडे पेय पदार्थों का सेवन नहीं कराएं।

गर्म कपड़े पहनना आवश्यक 

डाक्टर ने कहा कि ठंड के दौरान सीजनल बीमारी से बचने को लेकर शरीर में हमेशा गर्म कपड़े पहनने की जरूरत है। नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेने की जरूरत है। ठंड के दौरान खासकर बच्चे व बुजुर्गों को सुबह व शाम के समय ठंड से बचने की जरुरत है। सुबह व शाम में समय घर से बाहर निकलने से परहेज करने की जरूरत है। खासकर हाइपरटेंशन बीपी व डायबिटीज मरीज से जुड़े मरीजों को समय से दवा का सेवन करने के साथ नियमित खानपान पर ध्यान देने की जररूत है।

मरीज को दिया जा रहा सुविधा 

अस्पताल प्रशासन की ओर से भी मरीज की समुचित इलाज के साथ-साथ ठंड से बचाव को लेकर समुचित व्यवस्था किया गया है। जानकारी देते हुए हेल्थ मैनेजर ने बताया कि ठंड के बीच मरीजों की इलाज को लेकर साफ- सफाई व्यवस्था के साथ सभी भर्ती मरीज को चादर, कंबल उपलब्ध कराया जा रहा है।

वही सभी वार्डों में भर्ती मरीज के लिए हीटर व ब्लोअर का भी व्यवस्था किया गया है। जो मरीज को आवश्यकता अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा भी मरीज को बेहतर उपचार व लाभ दिलाने को लेकर अन्य जरूरी उपयोगी सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा।